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8 महीने बाद भी नया सॉलिसिटर जनरल नहीं तलाश सकी सरकार, रंजीत कुमार ने दिया था इस्तीफा

Mon, 02 Jul 2018 08:18 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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रंजीत कुमार
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हर किसी को उम्मीद थी कि केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट में चल रहे 44 दिन के ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान सरकार 8 महीने से खाली चल रहे सॉलिसिटर जनरल के पद को भरने में सफल रहेगी, जो देश में सरकार का दूसरे सबसे बड़ा कानूनी अधिकारी होता है। सरकार की ये लापरवाही अब न्यायिक जगत में चर्चा का विषय बन गई है।

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बता दें कि एडवोकेट रंजीत कुमार ने पिछले साल 20 अक्तूबर को सॉलिसिटर जनरल के पद से इस्तीफा दिया था और तभी से इस पद पर किसी की नियुक्ति नहीं हुई है। वर्तमान में शीर्ष न्यायालय में सरकार का पक्ष रखने के लिए 7 एडिशनल सॉलिसिटर जनरल मौजूद हैं, जिनमें मनिंदर सिंह, तुषार मेहता, आत्माराम नादकर्णी, पिंकी आनंद, विक्रमजीत बनर्जी, अमन लेखी और संदीप सेठी शामिल हैं।

वरिष्ठ अधिवक्ता व पिछली यूपीए सरकार के दूसरे कार्यकाल में सॉलिसिटर जनरल रह चुके मोहन पारासरन ने इस पद पर तत्काल नियुक्ति की आवश्यकता जताते हुए कहा, ये उच्चस्तरीय संवैधानिक पद है, जो लंबे समय के लिए खाली नहीं रहना चाहिए। सरकार निश्चित तौर पर अच्छे उम्मीदवार की तलाश कर रही होगी और संभवत: इस देरी के पीछे वैचारिक अंतर एक कारण रहा होगा। हालांकि इससे पहले भी राजीव गांधी के कार्यकाल में ये पद 6 महीने से ज्यादा समय के लिए खाली रह चुका है।
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इसलिए जरूरी है इस पद को भरना

अहम मामलों में सुनवाई के दौरान सरकार का पक्ष रखने के लिए सॉलिसिटर जनरल ही सुप्रीम कोर्ट में पेश होता है। ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद शीर्ष अदालत में निकाह हलाला को चुनौती, अयोध्या रामजन्म भूमि विवाद, कावेरी नदी जल विवाद, दिल्ली में सीलिंग विवाद और बहुत सारे पर्यावरण से जुड़े अहम मामले पेश होने हैं, जिनमें निश्चित तौर पर सरकार को अपने विचारों का समर्थन करने वाले सॉलिसिटर जनरल की तलाश रहेगी। सूत्रों का कहना है कि कई वरिष्ठ भाजपा नेता भी इस पद पर संघ परविार से नजदीकी रखने वाले किसी वरिष्ठ अधिवक्ता की नियुक्ति की पैरवी कर रहे हैं।

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