केंद्र सरकार अगले पांच से सात सालों में सशस्त्र बलों की सामरिक क्षमता बढ़ाने के लिए 130 अरब डॉलर खर्च करेगी। आधिकारिक दस्तावेजों के मुताबिक, सरकार ने सेना, वायुसेना और नौसेना के आधुनिकीकरण को गति देने के लिए व्यापक योजना बनाई है। इसके तहत तीनों सेनाओं के लिए कुछ सालों में अहम हथियार, मिसाइल, लड़ाकू विमान, पनडुब्बियां और युद्धपोत खरीदे जाएंगे।
सरकार दिल्ली, मुंबई समेत सभी बड़े शहरों के हवाई क्षेत्र को अभेद्य बनाने की योजना पर भी काम कर रही है। भारत अपनी अंतर-महाद्वीपीय बैलेस्टिक मिसाइल अग्नि-5 के पहले बैच को शामिल कर रहा है, जिससे देश की वायु रक्षा प्रणाली बेहद मजबूत होगी। पांच हजार किलोमीटर मारक क्षमता की यह मिसाइल परमाणु वारहेड ले जाने में सक्षम है। अमेरिका, चीन, रूस, फ्रांस और उत्तरी कोरिया समेत कुछ ही देशों के पास ऐसी मिसाइलें हैं।