भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के बीच केंद्र सरकार सिंधु नदी बेसिन की चार सिंचाई परियोजनाओं को तेज करने की योजना बना रही है। इसके जरिए सरकार जम्मू-कश्मीर में सिंचाई क्षेत्र में 2.05 लाख एकड़ की वृद्धि करना चाहती है।
गौरतलब है कि कुछ सप्ताह पूर्व ही सरकार ने सिंधु जल संधि के अनुसार झेलम समेत भारत से होकर पाकिस्तान में जाने वाली नदियों के पानी के अधिकतम उपयोग का फैसला किया था। उड़ी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 56 साल पुराने सिंधु जल संधि की समीक्षा के लिए एक बैठक बुलाई थी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा था कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते।
सरकार जिन चार सिंचाई परियोजनाओं में तेजी लाने की तैयारी कर रही है, उनमें से तीन के इसी वित्त वर्ष में तैयार हो जाने की उम्मीद है। ये तीन परियोजनाओं पर पुलवामा, कारगिल और सांबा तथा कठुआ में काम चल रहा है। चौथी परियोजना के दिसंबर 2019 में पूरा होने की उम्मीद है। चारों परियोजनाओं पर कुल 117 करोड़ के खर्च का अनुमान है।