देश में कोरोना वायरस के खिलाफ टीकाकरण कार्यक्रम कभी भी शुरू किया जा सकता है। इसकी तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। ऐसे में टीकाकरण से पहले सरकार ने अफवाहों को लेकर अलग से खास रणनीति को भी तैयार कर लिया है। इसके तहत अफवाहों से बचने के लिए व्हाट्सएप के जरिए सरकार ने लोगों तक पहुंचाने की योजना बनाई है।
ब्लॉक से लेकर जिला और राज्य से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के लिए बनाई संचार योजना
ब्लॉक से लेकर जिला और राज्य से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के लिए अलग-अलग संचार योजनाओं को बनाया गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ कोविड-19 टीका संचार रणनीति को साझा किया है।
कोरोना टीकाकरण की हर सही जानकारी पहुंचाने की बनाई योजना
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि टीकाकरण के दौरान सोशल मीडिया पर खास तरह की निगरानी होगी। फेसबुक और व्हाट्सएप के ज्यादातर इस्तेमाल को लेकर सरकारें सतर्क हैं। स्कूल, पंचायत, स्थानीय नेता और आरडब्ल्यूए के समूह को लेकर प्रशासन सही जानकारी भेजने का कार्य करेगा। सरकार के हर संदेश पर एक लोगो भी होगा जिससे उसकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा न हो सके।
जिला स्तर पर अतिरिक्त बल होगा तैनात
88 पेज की संचार रणनीति के अलावा सरकार ने कोविड-19 टीका की सुरक्षा को लेकर भी जिला स्तर पर अतिरिक्त बल तैनात करने का फैसला लिया है। टीके की चोरी इत्यादि का ध्यान रखते हुए प्रशासन अलर्ट है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि टीकाकरण की सही जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए सरकार ने मीडिया, सामाजिक संस्थाएं, सांसद-विधायक, चिकित्सीय संस्थान और टीका लगवाने लोगों को अलग-अलग वर्ग में रखा है।
इनके जरिए ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच बनाई जाएगी और प्रभावी संचार स्थापित किया जाएगा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर राज्य स्तर पर इसके लिए अलग से अधिकारियों को तैनात किया जा रहा है।
इतना ही नहीं सरकार ने टीकाकरण अभियान में सभी धर्मगुरुओं को भी साथ लाने और जनता के बीच जागरूकता बढ़ाने का फैसला भी लिया है। संचार रणनीति में सरकार ने स्पष्ट किया है कि टीकाकरण के दौरान या उससे पहले किसी भी तरह की अफवाह या भ्रांति के खिलाफ सच्चाई रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है।