बता दें कि लोकसभा चुनाव में ही भाजपा ने एनआरसी को लेकर अपनी नीयत साफ कर दी थी। पीएम मोदी के अलावा पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने अपनी रैलियों में अवैध रूप से रह रहे घुसपैठियों का मुद्दा जोर-शोर से उठाया था। नतीजा, भाजपा को पश्चिम बंगाल में कुल 42 सीटों में से 18 पर जीत मिली।
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, जिन्होंने चुनाव के दौरान ममता बनर्जी पर घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए दावा किया था कि मोदी सरकार के दोबारा आने पर चुन-चुनकर घुसपैठियों को बंगाल से बाहर निकाला जाएगा, अब देश के गृहमंत्री बन गए हैं। उन्होंने मंत्रालय का कार्यभार संभालने के बाद अपने इरादे जाहिर कर दिए थे कि घुसपैठियों को बाहर करने के लिए राष्ट्रीय नागरिकता पंजीकरण (एनआरसी) को सख्ती से लागू किया जाएगा।
गृह मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि असम में एनआरसी प्रक्रिया पूरी होते ही उसे दूसरे राज्यों की ओर बढ़ाया जाएगा। इसमें सबसे पहला नंबर पश्चिम बंगाल का है। बताया जा रहा है कि यहां बांग्लादेश से आए बड़ी संख्या में घुसपैठिये स्थायी तौर पर बस गए हैं। उन्हें राज्य सरकार का संरक्षण प्राप्त है।
पीएम मोदी ने अपनी जनसभाओं में कहा था कि बंगाल में गोरखा समुदाय को राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर से नुकसान नहीं होगा, लेकिन घुसपैठियों को किसी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा। इसी तरह हिंदू और बौद्ध शरणार्थी जो बाहर से आए हैं, भाजपा द्वारा उन्हें भी सम्मान देने की बात कही जा रही है।