केंद्रीय स्वास्थ्य और विज्ञान एवं तकनीकी मंत्री डा. हर्षवर्धन ने राज्यसभा में कहा कि सरकार फिलहाल बाजार में बिकने वाले बोतल बंद पानी पर पाबंदी नहीं लगाने जा रही है लेकिन उसे आचरण और व्यवहार में परिवर्तन लाकर पाबंदी जैसी स्थिति में लाया जा सकता है। राज्यसभा में प्रश्रकाल के दौरान भाजपा सांसद डा. किराड़ी लाल मीणा ने बोतलबंद पानी में प्लास्टिक के कण पाने जाने का मामला उठाया।
उन्होंने न्यूयार्क में हुए शोध का हवाला देते हुए पूछा कि क्या देश में उपयोग किए जा रहे बोतल बंद पानी में प्लास्टिक के कण घुल जाते हैं और मानव शरीर के लिए घातक हैं। इस पर डॉ. हर्षवर्धन ने बताया कि कई भारतीय शोध संस्थानों के वैज्ञानिकों के पैनल भी इस पर गहनता से रिसर्च कर रहे हैं। बोतल बंद पानी को लेकर दुनिया के कई देश चिंतित हैं।
हमने भी प्लास्टिक को लेकर संकल्प लिया है सिंगल यूज प्लास्टिक को लेकर सतर्क हैं। न्यू इंडिया के संकल्प में 2022 तक हमारा प्रयास है कि प्लास्टिक से निजात मिले। अभी बोतल बंद पानी पर पाबंदी को लेकर फैसला नहीं लिया गया है लेकिन हम सबको अपने आचरण और व्यवहार में शामिल करना होगा जिससे पाबंदी जैसे स्थिति खुद ब खुद बन जाएगी।
आयुष्मान भारत योजना का दायरा बढ़ेगा
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने आप सांसद संजय सिंह के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि आयुष्मान भारत योजना के दायरे में फिलहाल 2011 की जनगणना के आधार पर सामाजिक-आर्थिक स्थिति के आधार पर लाभार्थी शामिल हैं। भविष्य में इसका दायरा बढ़ाया जाएगा। संजय सिंह ने पूछा था कि क्या योजना के तहत आय की दृष्टि से ढील दिए जाने पर विचार किया जा रहा है। अभी तक उन लोगों को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है जिनके घर टेलीविजन या अन्य तरह के वस्तुएं हैं।
2022 तक देश में डेढ़ लाख हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बनेंगे
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं और बीमारियों के प्रति जागरुकता को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि नेशनल हेल्थ मिशन के तहत 2022 तक देश भर में डेढ़ लाख हेल्थ एंव वेलनेस सेंटर खोले जाएंगे। अभी 19 हजार के आसपास सेंटर खोले जा चुके हैं। इन सेंटर की मदद से बीमारियों पर जागरुकता उनकी रोकथाम, संक्रामक रोग आदि पर काबू पाया जा सकेगा।