इसके अलावा सरकार ने इस कैंपेन को पूरे देश में प्रचारित करने के लिए टीवी, रेडियो, अखबार, थिएटर जैसे मल्टी-मीडिया माध्यमों के अलावा बड़े-बड़े होर्डिंग्स और डिस्प्ले बोर्ड का भी इस्तेमाल कर रही है। वहीं सरकार के मंत्री भी अपने मंत्रालयों के चार साल के कामकाज का ब्यौरा प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए पूरे देश में प्रचारित कर रहे हैं।
पार्टी के इतने बड़े देशव्यापी कार्यक्रम आयोजित करने के बावजूद कहीं न कहीं सरकार को लग रहा है कि शहरी क्षेत्रों में तो प्रचार ठीक से पहुंच पा रहा है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में इसकी पहुंच को लेकर अभी भी संशय है।
सूत्रों के मुताबिक सरकार रिसर्च एजेंसी को हायर करके ग्रामीण इलाकों के अलावा देशभर में व्यापक सर्वेक्षण के जरिए इस अभियान का असर पता लगाने योजना बना रही है। हालांकि सरकार ने ‘साफ नीयत, सही विकास’ का जमीनी असर पता करने के लिए हालांकि अभी तक किसी एजेंसी को चयनित नहीं किया गया है, लेकिन इसके लिए सरकार ने एक प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जिसके जरिए कैंपेन की असली जमीनी हकीकत का पता लगेगा।
सूत्रों के मुताबिक चयनित एजेंसी इस अभियान के असर पता लगाने के लिए एक व्यापक सर्वेक्षण करेगी और पता लगाएगी कि सरकार का संदेश कितने प्रभावशाली ढंग से जनता में पहुंच रहा है। साथ ही एजेंसी को जिम्मेदारी दी जाएगी कि वह ग्रामीण इलाकों पर ज्यादा फोकस करे। सूत्रों के मुताबिक 'साफ नीयत, सही विकास' अभियान मई से जून के आखिरी सप्ताह तक चलेगा, जिसके बाद सर्वे एजेंसी तुरंत अपना काम शुरू कर देगी। सूत्रों का कहना है कि शहरों में तो सरकारी योजनाओं का असर दिखता है, लेकिन सुदूर इलाकों और गांवों में सरकारी योजनाओं का प्रभाव कैसा है, यह पता करने के लिए एजेंसी को दिया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक एजेंसी अपना काम जुलाई तक पूरा करेगी। इस दौरान एजेंसी जमीनी स्तर पर लोगों के इंटरव्यू भी लेगी और लोकेशन की जीपीएस रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। इसके अलावा एजेंसी देश को छह रीजनल जोन में बांट कर वास्तविक जनसांख्यिकीय प्रतिनिधित्व पर फोकस करके कैंपेन की पहुंच और उसके प्रभावों की रिपोर्ट सरकार को भेजेगी। सूत्रों का कहना है कि रिपोर्ट में सरकारी योजनाओं के लाभान्वितों से बातचीत, योजनाओं से उनके जीवन में आए बदलावों और सरकार के प्रति लोगों के नजरिए को भी शामिल किया जाएगा। सर्वे के दौरान मिलने वाले फीडबैक और इनपुट सरकार के आगामी एक साल के शासनकाल के लिए महत्वपूर्ण होंगे।