वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बृहस्पतिवार को कहा कि आरबीआई की निगरानी प्रक्रिया का सामना कर रहे सभी बैंकों को इससे बाहर निकालने के लिए सरकार मदद देगी। आईबीसी की मदद के साथ सरकारी सहयोग से बैंकिंग क्षेत्र में काफी सुधार आ रहा है और पिछली कुछ तिमाहियों से एनपीए लगातार नीचे आया है।
इंडियन बैंक एसोसिएशन के कार्यक्रम में मौजूद वित्त मंत्री ने कहा कि भारी घाटे और एनपीए का सामना कर रहे सरकारी बैंकों को आरबीआई ने त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई (पीसीए) के तहत निगरानी में डाल दिया था। बेहतर प्रदर्शन और सरकारी मदद के बलबूते 5 बैंक इससे बाहर आ चुके हैं, लेकिन 6 बैंक अब भी इसमें शेष हैं।
जेटली ने कहा, दिवालिया एवं ऋणशोधन अक्षमता कानून (आईबीसी) ने इन बैंकों को पीसीए से निकालने में बड़ी भूमिका निभाई है। हमारी कोशिश है कि और फंड जारी कर इन बैंकों को भी बाहर निकाला जाए, ताकि इनका संचालन बेहतर कर मुनाफे की स्थिति में पहुंचाया जा सके। इसके लिए बैंकिंग नियमों में बदलाव किया गया है और अब फैसले मेरिट व पेशेवर तरीकों से लिए जाते हैं।
बैंकों को दी नसीहत
जेटली ने सरकारी बैंकों को नसीहत देते हुए कहा कि आप प्रतिस्पर्धा वाले वातावरण में काम कर रहे हैं, जहां कुछ निश्चित सीमाएं लागू होती हैं। आपकी सामाजिक और लोक जिम्मेदारी निजी क्षेत्र के बैंकों से ज्यादा है। निजी बैंक जहां कैंपस सेलेक्शन के जरिये प्रतिभाएं शामिल करते हैं, आपके पास इसका ज्यादा सुनियोजित तरीका होता है। आप खुद पर कोई दबाव महसूस न करें लेकिन नियमों का अनुपालन जरूरत सुनिश्चित कराएं।
और बैंकों का विलय संभव
वित्त मंत्री ने एक बार फिर छोटे और कमजोर सरकारी बैंकों के विलय का संकेत दिया। कहा, वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए बड़े और सेहतमंद बैंकों की जरूरत है। एसबीआई चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा कि तीन बैंकों की विलय प्रक्रिया 1 अप्रैल से लागू होने के बाद और बैंकों के विलय पर विचार किया जाएगा। मौजूदा बैंकिंग क्षेत्र 15 फीसदी की दर से विकास कर रहा है।
सुधार लागू करने में पीएनबी आगे
बैंकिंग सुधार लागू करने में पीएनबी सबसे आगे रहा है। बीसीजी-आईबीए रिपोर्ट के अनुसार, ‘सेवा उत्कृष्टता एवं परिष्कृत पहुंच’ (ईएएसई) के तहत पीएनबी ने 100 में से 78.4 अंक प्राप्त किया है। इसके बाद बैंक आफ बड़ौदा (77.8), एसबीआई (74.6), ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (69), केनरा बैंक (67.5) तथा सिंडिकेट बैंक (67.1) का स्थान है।
पीएनबी ने ग्राहकों के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया, जवाबदेह बैंकिंग, कर्ज उठाव और वित्तीय समावेश जैसे मानदंडों में मजबूत प्रदर्शन दिखाया है। रिपोर्ट जारी करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि ऐसी रैंकिंग से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और बैंक अपने समकक्षों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करने को लेकर प्रोत्साहित होंगे।