फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वन क्षेत्र में चल रहे विस्तार की सेटेलाइट मैपिंग करेगी सरकार : प्रकाश जावड़ेकर

Sun, 01 Dec 2019 12:09 AM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • केंद्रीय पर्यावरण मंत्री जावड़ेकर ने राज्यों के पर्यावरण मंत्रियों के साथ बैठक की
  • लगाए जा रहे पौधों की वृद्धि से लेकर गुणवत्ता तक का किया जाएगा आकलन 
  • जावड़ेकर ने अर्थव्यवस्था में सुस्ती के लिए वैश्विक मंदी को जिम्मेदार बताया
विज्ञापन
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि पर्यावरण मंत्रालय पिछले पांच सालों में लगाए गए 12 करोड़ पेड़ों की सातों दिन 24 घंटे निगरानी करेगा। सेटेलाइट की मदद से ग्रीन बेल्ट में आने वाले वन क्षेत्रों में लगाए जा रहे पेड़ों की स्थिति में बढ़ोत्तरी और निगरानी की जाएगी। शनिवार को वन मंत्री ने कहा इसके लिए प्रभावी तंत्र विकसित किया जा रहा है। 

विज्ञापन


वहीं, पिछले सालों में जीडीपी के सबसे निम्न स्तर पर पहुंचने पर केंद्रीय मंत्री ने कहा यह दुनिया की मंदी के चलते हुआ है, इससे घबराने की अवश्यकता नहीं है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने राज्यों के पर्यावरण मंत्रियों के साथ बैठक की। प्रतिपूरक वनीकरण कोष प्रबंधन और योजना प्राधिकरण (सीएएमपीए) की शनिवार को हुई बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री मीडिया को संबोधित कर रहे थे। 
    
पर्यावरण मंत्री ने कहा, उपग्रह से निगरानी करने से केंद्र को वन क्षेत्र के चप्पे-चप्पे की खबर मिनटों में पता लग सकेगी। इस डाटा को ऑनलाइन भी उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे जनता को प्रकृति से जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा, साथ ही संबधित एजेंसियों की जवाबदेही तय होगी।  उन्होंने कहा, सरकार ने राज्यों के साथ हरित क्षेत्र को बढ़ाने और वर्तमान स्थिति की समीक्षा की है। इसमें तेलंगाना समेत कुछ राज्यों ने वन क्षेत्र को बढ़ाने के लिए सार्थक प्रयास किए और महत्पूर्ण उपलब्धियां भी हासिल की। 

विज्ञापन
Trending Videos

सीएएमपीए फंड के उपयोग जैसे मुद्दों पर हुई चर्चा

जावड़ेकर ने कहा कि 47 हजार करोड़ रुपयों से ज्यादा का फंड प्रतिपूरक वनीकरण कोष प्रबंधन और योजना प्राधिकरण (सीएएमपीए ) के तहत देश के विभिन्न हिस्सों को हरा-भरा बनाने के लिए खर्च किया जा रहा है। उन्होंने कहा बैठक में लैंटाना खरपतवार के उन्मूलन के अलावा वनों में जल, जल संरक्षण चारा संवर्धन और जंगलों में नमी प्रबंधन के लिए सीएएमपीए फंड के उपयोग जैसे मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, इसके अलावा वन क्षेत्र का प्रभावी ढंग से उपयोग करने जल संरक्षण और वहां रहने वाले जीवों के लिए जंगल में भी प्रचुर मात्रा में भोजन की व्यवस्था को सुनिश्चित करने और नमी प्रबंधन के साथ ग्रीन कवर को बढ़ाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई ताकि मनुष्य और पशुओं के मध्य संघर्ष को कम किया जा सके और प्रकृति की गुणवत्ता में सुधार किया जा सके।

उन्होंने कहा चार महीने में यह दूसरा मौका है जब वह राज्यों के साथ इस मसले पर चिंतन के लिए बैठे हैं। अगस्त में राज्यों को सीएएमपीए फंड सौंपा गया है। अब उसकी समीक्षा और आने वाले पांच महीनों के लिए कार्ययोजना पर राज्यों के साथ पर्यावरण मंत्रालय ने बैठक की है।      
विज्ञापन

'अर्थव्यवस्था की सुस्ती से घबराने की जरूरत नहीं'

प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, अर्थव्यवस्था की सुस्ती से घबराने की अवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा सरकार ने अर्थव्यवस्था सुधार को लेकर जो कदम उठाए हैं उसका असर दिख रहा है। सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़ों में गिरावट की वजह वैश्विक कारणों से है। उन्होंने कहा आर्थिक सुस्ती जो दुनिया में है उसका थोड़ा असर भारत में भी दिख रहा है। लेकिन यहां लोगों के हाथों में पैसे का प्रवाह बढ़ रहा है। 

उन्होंने कहा, बुनियादी ढांचे का विकास हो रहा है। सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं। इसमें बैंकों का विलय, बैंकों को 70 हजार करोड़ रुपये दिए हैं। ढाई लाख करोड़ का कर्ज उद्योगों को देने के लिए विशेष कार्यक्रम घोषित किया है। सरकारी उपक्रमों में विनिवेश का फैसला लिया गया है । भारत दुनिया में सबसे कम कारपोरेट कर वाला देश बन गया है, जिससे निवेशकों का विश्वास बढ़ा है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें