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राइट टू प्राइवेसी: सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर बोली सरकार, हमें क्यों बताया जा रहा गुनहगार?

Thu, 24 Aug 2017 06:41 PM IST
amarujala.com- presented by: संदीप भट्ट
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राइट टू प्राइवेसी पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का केंद्र सरकार ने स्वागत किया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ‘सुप्रीम कोर्ट ने उस बात की पुष्टि की है जो सरकार ने संसद में आधार विधेयक को पेश करने के दौरान कहा था।
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निजता को मौलिक अधिकार होना चाहिए लेकिन इसे तर्कसंगत पाबंदी के अधीन होना चाहिए। सरकार लोगों के प्राइवेट डेटा की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। डेटा की सुरक्षा के लिए सरकार ने कानूनी उपाय किए हैं। निजी स्वतंत्रता की रक्षा करने में कांग्रेस का क्या रिकॉर्ड रहा है इसे आपातकाल के दौरान देखा गया था।’

उन्होंने कहा कि सुबह से हमें सिविल लिबर्टी की दुहाई दी जा रही है वो भी बिना फैसले को पढ़े हुए। रविशंकर ने कहा है कि आज यूपीए बार-बार अपने और हमारे आधार की बात कर रही है। साथ ही उन्होंने पूछा कि निजता के अधिकार की रक्षा के लिए कांग्रेस के पास कोई रिकार्ड है?
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Since morning Congress is targeting us & Left has also joined them.What is the Congress' record of protecting individual liberty?: RS Prasad pic.twitter.com/b9NWyVE7AU — ANI (@ANI) August 24, 2017
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए रविशंकर ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी कहा करते थे कि 'मैं एक रुपया भेजता हूं तो जमीन पर 15 पैसे पहुंचते हैं' मगर आज मोदी सरकार में 1000 रुपये भेजो तो 1000 ही पहुंचता है। Rajiv Gandhi ka statement hai,main Re1 bhejta hu,zameen pe 15paise pahuchte hain.Modi Govt mein Rs.1000 bhejo to 1000 hi pahuchta hai-Prasad pic.twitter.com/3tLCp1cUao — ANI (@ANI) August 24, 2017



बता दें कि  राइट टू प्राइवेसी यानी निजता के अधिकार को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने आज बड़ा फैसला दिया है। अदालत ने कहा कि निजता का अधिकार मौलिक अधिकार है। अपने फैसले के दौरान नौ जजों की पीठ ने सर्वसम्मति से कहा कि निजता मौलिक अधिकार है।
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