डीम्ड मामले में सर्वोच्च अदालत के निर्देश के बाद भी ठोस कार्रवाई न करने पर सरकार यूजीसी से नाखुश है। अदालत के निर्देश के बाद भी यूजीसी ने उन डीम्ड संस्थानों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है, जिन्होंने अपने नाम के साथ यूनिवर्सिटी शब्द जोड़ रखा है।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने अब डीम्ड समेत यूजीसी के अन्य मामलों की जांच करने के लिए पहली बार अपनी कमेटी गठित करने की तैयारी में है, ताकि यूजीसी से जुड़े विभिन्न मामलों की जांच हो सके। वरिष्ठ सूत्रों के मुताबिक, सर्वोच्च अदालत के निर्देश के बाद यूजीसी ने कोई ठोस रणनीति तैयार नहीं की है।
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सभी 123 डीम्ड संस्थानों को सिर्फ एक सर्कुलर जारी कर यूनिवर्सिटी नहीं, डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी लगाने का निर्देश दे दिया। जबकि यूजीसी को सभी डीम्ड संस्थानों की बजाय उन पर सीधे कार्रवाई करनी चाहिए थी, जिन्होंने अपने नाम के साथ यूनिवर्सिटी लगा रखा था।
मंत्रालय को यूजीसी के इसी सर्कुलर जारी करने के कामकाज पर आपत्ति है। दूसरी तरफ डीम्ड मामले में मंत्रालय अदालत के समक्ष अपनी स्थिति साफ रखना चाहता है। इसी के चलते पहली बार सीबीआई से डीम्ड मामले में जांच करवाने के अलावा मंत्रालय अपनी कमेटी गठित कर रहा है।
अधिकारी के मुताबिक, यूजीसी के कामकाज पर टंडन कमेटी से लेकर नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के ड्राफ्ट रिपोर्ट में भी सवाल उठाया गया था। कई कमेटी की रिपोर्ट में कामकाज ही नहीं, बल्कि यूजीसी को भंग करने की भी सिफारिश की जा चुकी है।