राज्य सरकार अब विधानसभा के मानसून अधिवेशन के दौरान पश्चिम बंगाल का नाम बदल कर सभी भाषाओं में बांग्ला करने संबंधी एक प्रस्ताव पेश करेगी। इससे पहले विधानसभा में राज्य का नाम अंग्रेजी में बेंगाल, बांग्ला में बांग्ला और हिंदी में बंगाल रखने का एक प्रस्ताव पारित किया गया था। लेकिन केंद्र सरकार ने आपत्ति जताते हुए यह प्रस्ताव राज्य को लौटा दिया था। उसके बाद अब सरकार ने तीनों भाषाओं में राज्य का नाम बांग्ला ही रखने का फैसले किया है। संसदीय कार्य मंत्री पार्थ चटर्जी ने यहां पत्रकारों को इसकी जानकारी दी।