डीसीजीआई प्रमुख डॉ. वी जी सोमानी
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केंद्र सरकार देश में बायोटेक उत्पादों के अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देने के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना की तर्ज पर एक शोध से जुड़ा प्रोत्साहन कार्यक्रम शुरू करेगी। यह जानकारी ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया डॉ वी जी सोमानी ने शुक्रवार को दी।
सोमानी नागपुर में 72वें इंडियन फार्मास्युटिकल कांग्रेस के पहले दिन बोल रहे थे। तीन दिवसीय कार्यक्रम में फार्मा उद्योग, शिक्षा और सामुदायिक फार्मेसी से संबंधित विभिन्न मुद्दों को शामिल किया जाएगा। इसमें भारत और विदेशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे।
कोरोना काल के दौरान भारतीय दवा क्षेत्र की उपलब्धियां समाज के लिए वरदान
सोमानी ने कहा कि कोरोना काल के दौरान भारतीय दवा क्षेत्र की उपलब्धियां समाज के लिए एक बड़ा वरदान थीं। उन्होंने कहा, 'सबसे पहले, कोरोना वायरस की पहचान करने की तात्कालिकता और दूसरा कोरोना वैक्सीन और दवाएं विकसित करना कोई सामान्य चुनौती नहीं थी। लेकिन, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के प्रोत्साहन से, भारतीय दवा उद्योग ने इस चुनौती को स्वीकार किया और सफलतापूर्वक टीका बनाया। इसने न केवल भारत में बल्कि दुनिया के कई अन्य हिस्सों में लाखों लोगों की जान बचाई।'
सरकार ने नवोन्मेषी अनुसंधान में सहायता करने के लिए कई पहल की हैं
इस दौरान सोमानी ने नीतिगत सुधारों, नवोन्मेष और अनुसंधान एवं विकास के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने नवोन्मेषी अनुसंधान में सहायता करने और उपयुक्त पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित करने के लिए कई पहल की हैं। सोमानी ने कहा कि घरेलू फार्मा उद्योग की क्षमताओं को बढ़ाने और वैश्विक बाजार में खुद को स्थापित करने में मदद करने के लिए, केंद्र पीएलआई कार्यक्रम की तर्ज पर एक शोध से जुड़ी प्रोत्साहन (आरएलआई) योजना शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है।