कांग्रेस ने कुछ दिन पहले विमान निर्माता कंपनी दसॉल्ट एविएशन की वार्षिक रिपोर्ट के हवाले से आरोप लगाया कि भारत ने 2016 में फ्रांस के साथ 36 राफेल विमानों का सौदा 7.5 बिलियन यूरो में किया, जबकि 2015 में कतर और मिस्र को 48 राफेल 7.9 बिलियन यूरो में बेचे गए थे।
कांग्रेस के मुताबिक, भारत ने एक विमान 1670.70 करोड़ रुपये में खरीदा है। वहीं मिस्र और कतर ने एक राफेल के लिए 1319.80 करोड़ रुपये चुकाए। उधर, सरकार ने सौदे का विस्तृत ब्यौरा देने से इनकार करते हुए कहा कि वह भारत-फ्रांस समझौता 2008 के गोपनीयता प्रावधान से बंधी है। भामरे ने राज्यसभा में कहा, यह कहना कि सौदा महंगा हुआ है, सही नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के दौरान हुए 126 विमानों के सौदे के मूल प्रस्ताव में कीमतें तय नहीं की गई थी।