किसानों का करोड़ो रुपए दबाकर बैठे हैं सुगर मिल
- फोटो : Getty
किसानों की हमदर्दी बटोरने के लिए निजी मालिकों पर सख्ती का नाटक कर रही सरकार खुद किसानों की कर्जदार है। उत्तर प्रदेश की 25 सरकारी चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का 216 करोड़ रुपया बकाया है। ये भुगतान सरकार को खुद करना है लेकिन आए दिन हो रहे किसानों के आंदोलन और धरना प्रदर्शन के बावजूद सरकार किसानों को उनके बकाए का भुगतान नहीं कर रही है।
उत्तर प्रदेश में कुल 116 चीनी मिलें हैं। जिन पर किसानों का 3000 करोड़ रुपया बकाया है। खास बात यह है कि इन 116 शुगर मिलों में से 25 शुगर मिल सरकारी हैं। इन 25 सरकारी चीनी मिलों ने भी किसानों को उनके गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं किया है। सरकारी मिलों पर किसानों के 216 करोड़ रुपये बकाया हैं। यही वजह है कि सरकार निजी मिल मालिकों पर किसानों का मूल्य चुकाने के लिए पर्याप्त दबाव नहीं बना पा रही है। क्योंकि सरकार खुद किसानों के 216 करोड़ दबाए बैठी है।
किसानों का हितैषी बनने के लिए वक्त - वक्त पर निजी मिल संचालकों पर एफआईआर और कार्रवाई का तमाशा जरूर किया जाता है। लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर है। खुद किसानों के 216 करोड़ देने में नाकाम सरकार निजी मिल मालिकों पर प्रेशर बनाने में फेल साबित हो रही है। यही वजह है कि अफसरों द्वारा बुलाए जाने पर कोई मिल मालिक मीटिंगों तक में नहीं पहुंचता। जो एफआईआर मिल मालिकों के खिलाफ दर्ज कराई गईं उनका हश्र भी किसी से छुपा नहीं है।