विदेशों में रह रहे भारतीय भी अब सैनिकों की तरह भारतीय चुनाव प्रणाली में हिस्सा ले सकते हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को अप्रवासी भारतीय (एनआरआई) के लिए चुनाव कानून में संशोधन के जरिये प्रॉक्सी वोटिंग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
यह विधेयक यदि कानून बन जाता है तो एनआरआई को अपने मताधिकार के प्रयोग के लिए भारत आने की जरूरत नहीं रह जाएगी। एनआरआई को अपने मताधिकार के प्रयोग के लिए अन्य साधनों की तरह ही प्रॉक्सी वोटिंग की सुविधा देने के लिए जनप्रतिनिधि कानून में संशोधन करना होगा। फिलहाल एनआरआई और विदेशों में रहने वाले भारतीय अपने निर्वाचन क्षेत्र में वोट डाल सकते हैं जहां वे पंजीकृत हैं। लेकिन नए कानून से वे सैनिकों की तरह ही प्रॉक्सी वोटिंग का विकल्प भी चुन सकते हैं।
इस मसले पर काम कर रही चुनाव आयोग की विशेषज्ञ समिति ने इससे संबंधित निर्वाचन कानून में संशोधन के लिए 2015 में कानून मंत्रालय को कानूनी प्रस्ताव भेजा था ताकि अप्रवासी भारतीयों को प्रॉक्सी वोटिंग की सुविधा मिल सके।
आंकड़े बताते हैं कि अभी तक सिर्फ 10 हजार से 12 हजार एनआरआई ही मतदान करते हैं क्योंकि वे सिर्फ इसके लिए विदेशी मुद्रा खर्च कर भारत आना नहीं चाहते हैं।