सरकार ने बिल्डरों से कहा है कि वह घर खरीदारों से जीएसटी न वसूले, क्योंकि करीब सभी कमजोर आय वर्ग की आवास योजनाओं में कर की दर 8 फीसदी कर दी गई है। उसे भी इनपुट टैक्स क्रेडिट में समायोजित किया जा सकता है। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में बिल्डरों से कहा कि फ्लैटों पर देय जीएसटी को खरीदारों से नहीं वसूला जाना चाहिए।
सरकार ने बिल्डरों से कहा है कि वह एक ही सूरत में कमजोर आय वर्ग के घर खरीदारों पर वस्तु एवं सेवा कर लगा सकते हैं, जबकि उन्होंने घर की कीमत घटा दी हो। जीएसटी परिषद की 18 जनवरी को हुई बैठक में अफोर्डेबल हाउसिंग को बढ़ावा देने के लिए क्रेडिट लिंक्ड हाउसिंग स्कीम में 12 फीसदी की रियायती दर पर चर्चा हुई थी।
इस मद में प्रभावी जीएसटी दर को घटा कर 8 फीसदी कर दिया गया था। यह प्रावधान 25 जनवरी से प्रभावी है। मंत्रालय ने कहा है कि बिल्डर जीएसटी के तहत कम टैक्स का फायदा प्रॉपर्टी खरीदने वालों को दें। सरकार ने सभी बिल्डरों और कंस्ट्रक्शन कंपनियों से कहा है कि वह निर्माणाधीन फ्लैटों के खरीदारों को जीएसटी लागू होने के बाद ज्यादा टैक्स चुकाने को न कहें।