राज्यसभा में संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि जनवरी 2020 से अक्तूबर 2024 की अवधि के बीच किसी भी स्थल को पुरातत्व स्थलों की सूची से नहीं हटाया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने 2020 से 2024 के बीच वडक्कुपट्टु और आदिचनल्लूर में खोदाई की थी।
इन दिनों देश में धार्मिक स्थलों के सर्वे को लेकर हंगामा मचा है। इन सबके बीच गुरुवार को सरकार ने राज्यसभा में पुरातत्व स्थलों को लेकर बड़ी जानकारी साझा की। संस्कृति एवं पर्यटन मंत्रालय ने बताया कि जनवरी 2020 से अक्तूबर 2024 के बीच देश में कोई पुरातत्व स्थल न तो गायब हुआ है और न ही नष्ट हुआ है।
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राज्यसभा में संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने यह जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि जनवरी 2020 से अक्तूबर 2024 की अवधि के बीच किसी भी स्थल को पुरातत्व स्थलों की सूची से नहीं हटाया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने 2020 से 2024 के बीच वडक्कुपट्टु और आदिचनल्लूर में खोदाई की थी।
उन्होंने कहा कि कांचीपुरम का वडक्कुपट्टू मध्य पुरापाषाण काल से लेकर प्रारंभिक मध्यकाल तक का है। यहां खोदाई के दौरान मध्य पुरापाषाण काल के पत्थर के औजार और प्रारंभिक ऐतिहासिक काल के पुरावशेष मिले हैं। इसमें तमिल ब्राह्मी में अंकित मूर्तियां, कीमती पत्थर के मोती, तांबे के सिक्के और सोने की कई चीजें शामिल हैं।
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मंत्री ने कहा कि आदिचनल्लूर का स्थल मेगालिथिक काल का है। यहां खोदाई के दौरान कंकाल, कब्र के सामान, चीनी मिट्टी के सामान के साथ ही 160 से अधिक कलश और कब्रें मिली हैं। इसके अलावा यहां पर सोने के मुकुट और कांस्य की वस्तुएं मिली हैं।