दिल्ली सरकार ने राजधानी को ग्रीन बनाने के लिए कदम उठाया है। बजट का 21 फीसदी हिस्सा राजधानी का स्वास्थ्य बेहतर करने के लिए आवंटित किया गया है। राजधानी में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने, हरियाली बढ़ाने, सड़कों से धूल हटाकर वायु प्रदूषण को कम करने और स्मॉग गन लगाने का प्रावधान कर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रदूषण से निबटने की अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है। बजट में शिक्षा को बढ़ावा देने वाला प्रावधान किया है। शिक्षा के लिए बजट में 18.64 प्रतिशत या 19,148 करोड़ का बजट निर्धारित कर सरकार ने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि शिक्षा उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। बजट में कक्षा नौ की लड़कियों को मुफ्त साइकिल देने के लिए 90 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है। मुफ्त साइकिल की योजना उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में बहुत लोकप्रिय रहे हैं। इन उपायों से लड़कियों के स्कूली शिक्षा छोड़ने की दर में भी कमी आई है। दिल्ली में यह प्रयोग कितना सफल होगा, समय बताएगा।
दिल्ली की मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री रेखा गुप्ता ने अपना बड़ा चुनावी वादा निभाते हुए महिलाओं को 2500 रुपए हर महीने देने की योजना के लिए धन आवंटित कर दिया है। साथ ही महिलाओं को होली दिवाली पर गैस सिलेंडर फ्री देने और महिलाओं को लखपति दीदी बनाने के लिए भी बजट आवंटित कर सरकार ने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दी है। यदि सरकार इन योजनाओं पर अमल करने में देर करती तो उसे आगामी दिल्ली नगर निगम चुनाव में नुक्सान उठाना पड़ सकता था। लेकिन अब वह मज़बूत आवाज के साथ जनता के बीच बड़े वादे पूरे करने का दावा कर उनका समर्थन पाने की कोशिश करेगी। भाजपा सरकार की यह रणनीति कारगर साबित हो सकती है।
वर्ष 2024-25 में आम आदमी पार्टी सरकार में दिल्ली का बजट 76,000 करोड़ था। 2025-26 में भाजपा की सरकार आने पर यह बढ़कर एक लाख करोड़ रुपए की सीमा को छू गया। इस वर्ष दिल्ली सरकार ने बजट में वृद्धि करते हुए इसे 1,00,000 करोड़ से 2026-27 में 1,03,700 करोड़ कर दिया है। बजट में यह वृद्धि सरकार की विकासोन्मुखी सोच को प्रदर्शित करता है। बजट में कैपिटल खर्च को बढ़ाकर 30 हजार करोड़ रुपए से अधिक कर दिया गया है। यह बताता है कि सरकार की प्राथमिकता कहां है।
दिल्ली की आर्थिक विकास दर 2025-26 में 8.53% तक पहुंच गई है । यह 7.4% के राष्ट्रीय औसत से अधिक है। 2024-25 में यह 6.21% थी जो राष्ट्रीय औसत 6.5% से कम थी। इस तरह लोगों की औसत आय में वृद्धि वर्तमान सरकार की नीतियों का परिणाम कहा जा सकता है। दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय में भी वृद्धि दर्ज की गई है। 2024-25 में औसत मासिक आय 23,676 थी जो 7.09% की वृद्धि के साथ 2025-26 में 25,453 हो गई।
मंत्री ने कहा दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि इस बजट में नए भवनों के निर्माण के लिए 200 करोड़ और स्कूलों के विस्तार के लिए 275 करोड रुपए भी आवंटित किए गए हैं। इसके साथ ही स्मार्ट क्लासेज, स्पोर्ट्स हॉस्टल, खेल मैदान और स्विमिंग पूल के निर्माण के लिए 50 करोड रुपए दिए गए हैं। यह सरकार कि शिक्षा प्रथम की सोच को प्रदर्शित करता है।
उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा के लिए बजट में 700 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है। दिल्ली के युवाओं को जॉब सीकर नहीं बल्कि जॉब क्रिएटर बनाना चाहती है। सरकार स्टार्टअप पॉलिसी के माध्यम से इनोवेशन इकोसिस्टम भी तैयार करने जा रही है। शिक्षा क्षेत्र में अनुसूचित जाति, जनजाति और ओबीसी वर्ग के छात्रों को आर्थिक सहायता देने के लिए भी प्रावधान किए गए हैं।