स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारत को वैश्विक केंद्र बनाने के लक्ष्य के साथ केंद्र सरकार डॉक्टरों, नर्सों और फार्मासिस्टों समेत हेल्थकेयर पेशेवरों के सभी वर्गों का एक ऑनलाइन डाटाबेस तैयार कर रही है। इसमें यह भी बताया जाएगा कि ये पेशेवर किस देश में सेवाएं देना चाहते हैं। यह कदम देश के हेल्थकेयर उद्योग को मजबूती देने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।
समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) की ओर से विकसित पोर्टल का 15 अगस्त को लोकार्पण हो सकता है। इसे 'हील बाय इंडिया' पहल के तहत बनाया जा रहा है।
रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि पोर्टल पर अपनी जानकारी मुहैया कराना सभी स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए स्वैच्छिक होगा। डाटा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
सूत्रों ने बताया कि उपलब्ध कराई गई व्यक्तिगत जानकारी यूआईडीएआई (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण) की ओर से प्रमाणित की जाएगी और संबंधित परिषद पंजीकरण विवरण को सत्यापित करेंगी। पोर्टल 15 जून को तैयार हो जाएगा, जिसके बाद स्वास्थ्य सेवा पेशेवर इस पर अपना पंजीकरण करा सकेंगे।
पेशेवरों के पास ये जानकारियां देने का होगा विकल्प
एक अधिकारी ने कहा कि पेशेवरों के पास यह बताने का विकल्प होगा कि वे किस देश में काम करना चाहते हैं, उन्हें किन भाषाओं का ज्ञान है और उनके पास किस देश का वीजा है। इसमें उनकी सामान्य पृष्ठभूमि की जानकारी के अलावा उस देश के लिए योग्यता परीक्षा का विवरण होगा, जहां वे काम करने को इच्छुक हैं।
अधिकारी ने बताया कि चिकित्सकों और नर्स के लिए एनएचए की ओर से विकसित एक स्वास्थ्य पेशेवर रजिस्ट्री पहले से ही मौजूद है। इसमें अब तक 32,059 चिकित्सकों और 3527 नर्स ने पंजीकरण कराया है। इनमें से 15,531 चिकित्सकों और 687 नर्स की जानकारी का सत्यापन किया जा चुका है। इस रजिस्ट्री का डाटा भी नए पोर्टल में शामिल किया जाएगा।
‘जन समर्थ’ पोर्टल लॉन्च करेगी सरकार
केंद्र सरकार विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की योजनाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने के लिए ‘जन समर्थ’ पोर्टल लॉन्च करेगी। इसके जरिये सरकार की आम आदमी की जिंदगी को आसान बनाने की योजना है। सूत्रों का कहना है कि यह नरेंद्र मोदी सरकार के न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन के विजन का हिस्सा है। शुरुआती दौर में पोर्टल में 15 क्रेडिट लिंक्ड सरकारी योजनाओं को शामिल किया जाएगा। उनका कहना है कि इस सुविधा का धीरे-धीरे विस्तार होगा क्योंकि केंद्र की कुछ योजनाओं में कई एजेंसियों की भागीदारी होती है। उदाहरण के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना और क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी योजना (सीएलसीएसएस) कई मंत्रालयों द्वारा चलाई जा रही हैं। प्रस्तावित पोर्टल का मकसद सरकार की अलग-अलग योजनाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाना है ताकि आम लोग बिना किसी दिक्कत के इन तक पहुंच सकें। सूत्रों का कहना है कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) और अन्य द्वारा इसका पायलट परीक्षण किया जा रहा है। पोर्टल में ओपन आर्किटेक्चर होगा, जिससे राज्य सरकारें और अन्य संस्थान भी भविष्य में इस पर अपनी योजनाओं को शामिल कर सकेंगे।