देश में लॉकडाउन की वजह से कई विदेशी पर्यटक भी भारत में फंस गए हैं। मगर इस दौरान उन्हें दिक्कतों का सामना न करना पड़े, इसके लिए केंद्र सरकार ने एक वेबसाइट शुरू की है। यह वेबसाइट इन पर्यटकों के लिए 'वरदान' साबित हो रही है।
कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए लागू लॉकडाउन के दौरान देश में फंसे विदेशी पर्यटकों की पहचान, मदद और उन्हें सुविधाएं मुहैया कराने के मकसद से 31 मार्च को पोर्टल www.strandedinindia.com की शुरुआत की गई थी। पिछले पांच दिन में ही इस पर 769 लोग पंजीकरण करा चुके हैं।
इस साइट के जरिए आपातकालीन चिकित्सकीय मदद के तहत एक अमेरिकी, एक ऑस्ट्रेलियाई और कोस्टा रिका के दो नागरिकों सहित अन्य को विशेष सुविधा मुहैया कराई गई। ऐसे पर्यटकों को वेबसाइट पर जाकर अपनी बुनियादी जानकारी देने के साथ ही अपनी समस्या के बारे में बताना होगा ताकि उनकी मदद की जा सके। मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन ने ऐसे विदेशी पर्यटकों की मदद के लिए एक नोडल अधिकारी को नियुक्त किया है।
लॉकडाउन के कारण एक अमेरिकी नागरिक बिहार के सुपौल जिले में फंस गई जबकि उसके बेटे का दिल्ली में ऑपरेशन होना था। महिला ने वेबसाइट के जरिए अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई, जिसके बाद महिला को सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करके दिल्ली जाने की विशेष अनुमति दिलवाई गई। बयान के अनुसार, कोस्टा रिका को दो नागरिक सर्जरी के लिए चेन्नई आए थे। सर्जरी के बाद लॉकडाउन की वजह से वे वापस न जा सके। पोर्टल के जरिए उन्होंने मदद मांगी और उन्हें आवश्यक दवाएं मुहैया कराई गईं।
अहमदाबाद में अपने परिवार के साथ फंस गए ऑस्ट्रेलियाई पर्यटक को मिर्गी की समस्या थी। उसकी दवाएं खत्म हो गई थीं। पोर्टल के जरिए उसने मदद मांगी और उसे दवाएं पहुंचाई गईं। इसी तरह अन्य राज्यों में भी कई फंसे हुए नागरिकों ने मदद की अपील की और प्रशासन की ओर से जरूरी सहायता मुहैया कराई गई।