केंद्र सरकार महिला आरक्षण कानून को जल्द लागू करने के लिए बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार, सरकार संसद के मौजूदा बजट सत्र में दो अहम विधेयक लाने को तैयार है, ताकि परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही महिलाओं को आरक्षण का लाभ मिल सके। इस मुद्दे पर सहमति बनाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एनडीए और गैर-कांग्रेस विपक्षी दलों के फ्लोर लीडर्स के साथ अलग-अलग बैठकें की हैं। यदि आम सहमति बनती है, तो ये विधेयक इसी सप्ताह संसद में पेश किए जा सकते हैं।
2023 में मिली थी मंजूरी
सितंबर 2023 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने महिला आरक्षण विधेयक को मंजूरी दी थी। यह कानून संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम के नाम से जाना जाता है। हालांकि, यह कानून अभी लागू नहीं हुआ है और इसके लिए जनगणना व परिसीमन प्रक्रिया पूरी होना जरूरी बताया गया था।
15 साल तक मिलेगा आरक्षण, OBC पर बहस जारी
इस कानून के तहत महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 15 वर्षों तक आरक्षण मिलेगा, जिसे संसद आगे बढ़ा भी सकती है। जहां एससी और एसटी महिलाओं के लिए आरक्षण में उप-कोटा शामिल है, वहीं विपक्ष ने ओबीसी महिलाओं के लिए भी आरक्षण की मांग उठाई है।