राफेल लड़ाकू विमान (फाइल फोटो)
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विदेशी कंपनियां अब देश के रक्षा में ऑटोमेटिक रूट से 74 फीसदी निवेश कर सकेंगी। उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) ने बृस्पतिवार को रक्षा क्षेत्र में 74 फीसदी एफडीआई की सूचना जारी की।
डीपीआईआईटी ने कहा कि राष्ट्ररीय सुरक्षा को देखते हुए सरकार किसी भी विदेशी निवेश की पड़ताल करने और उसे निरस्त करने का अधिकार रखेगी। एफडीआई के मौजूदा नियमों के तहत रक्षा क्षेत्र में 100 फीसदी निवेश की अनुमति है, लेकिन ऑटोमेटिक रूट से सिर्फ 49 फीसदी निवेश किया जा सकता है। इससे ज्यादा निवेश करने के लिए सरकार से अनुमति लेनी होगी।
नए नियम के अनुसार, विदेशी कंपनियां बिना अनुमति के 74 फीसदी तक निवेश कर सकेंगी और इससे ज्यादा के लिए सरकार से मंजूरी लेनी होगी। हालांकि, कंपनियों को 49 फीसदी तक निवेश के लिए औद्योगिक लाइसेंस की जरूरत नहीं होगी।