बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस को ऋण देने में नियमों के कथित रूप से उल्लंघन के मामले में कई बैंक कर्मचारी, निदेशक व सरकारी अधिकारी जांच के घेरे में आ गए हैं। इससे पहले कई केंद्रीय जांच एजेंसी भगौड़े शराब कारोबारी विजय माल्या के खिलाफ जांच कर रही हैं।
इससे पहले गंभीर कपट अन्वेषण कार्यालय (एसएफआईओ) ने 2012 में बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस की गलतियों के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट दाखिल की है। रिपोर्ट में कंपनी के संचालन में गंभीर गड़बड़ियों का अंदेशा जताया गया है। सूत्रों ने बताया कि एयरलाइंस को बिना पर्याप्त आधार के ऋण देने में बैंक अधिकारियों की भूमिका तथा माल्या से कुछ सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत की विस्तृत जांच की जा रही है।
पढ़ें- कंपनी के लिए खरीदे किंगफिशर के जेट से माल्या और उसके परिवार ने उड़ाए मजे
उन्होंने कहा कि एसएफआईओ को जिन भी बैंकों द्वारा खामी मिली है वे सभी जांच के दायरे में हैं। एक सूत्र ने कहा, ‘कंपनी का अकाउंट कभी भी अच्छा नहीं था। उसकी क्रेडिट रेटिंग भी लोन देने के लिए आवश्यक स्तर से कम थी। उसके बाद भी बैंकों ने प्रक्रिया को अनदेखा करते हुए लोन दिया।