रक्षा मंत्रालय को हिमस्खलन और तेल रिसाव की जिम्मेदारी
अधिसूचना के मुताबिक, रक्षा मंत्रालय को हिमस्खलन और तेल रिसाव जैसी आपदाओं को संभालने की जिम्मेदारी दी गई है। यह कदम विशेषकर सीमावर्ती और संवेदनशील क्षेत्रों में समय पर बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
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पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय करेगा शुरुआती चेतावनी जारी
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय को शीत लहर, चक्रवात, बवंडर, भूकंप, लू, बिजली गिरने, सुनामी, ओलावृष्टि और भारी वर्षा के लिए शुरुआती चेतावनी जारी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जल शक्ति मंत्रालय को बाढ़ की जिम्मेदारी
जल शक्ति मंत्रालय को बाढ़ और ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड से निपटने का काम सौंपा गया है। वहीं, आवास और शहरी कार्य मंत्रालय को शहरी बाढ़ से निपटने की जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन शुरुआती चेतावनी का कार्य इसमें शामिल नहीं होगा।
जंगल की आग, रासायनिक और परमाणु आपदाएं
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को जंगल की आग और औद्योगिक व रासायनिक आपदाओं की जिम्मेदारी दी गई है। खनन मंत्रालय को भूस्खलन से निपटने का कार्य सौंपा गया है। इसके अलावा परमाणु ऊर्जा विभाग को परमाणु और विकिरण आपात स्थितियों की जिम्मेदारी दी गई है।