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कालेधन पर और सख्त होगी सरकार, उठा सकती है ये कदम

Thu, 10 Nov 2016 07:16 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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केंद्र सरकार ने 500 और 1000 के नोटों पर प्रतिबंध लगाकर काले धन के खिलाफ अपने कड़े तेवर दिखाए हैं। अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, काले धन के खिलाफ सरकार और सख्त हो सकती है।
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रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार एक सीमा से अधिक रकम के लेनदेन पर रोक लगाने पर विचार कर रही है। इसके बाद नोटबंदी के लिए एक के बाद एक कई कदम उठाए जा सकते हैं। सरकार कई दूसरे पहलुओं पर भी विचार कर रही है।

राजस्व सचिव हसमुख अधिया के मुताबिक, नकद के लेनेदेन की सीम पर और कदम भी उठाए जाएंगे, इसकी सीमा क्या होगी यह हमें नहीं पता। सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त एसआईटी ने भी तीन लाख रुपए से ज्यादा की रकम कैश में जमा कराने पर रोक लगाने की सलाह दी थी। 
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अधिया ने कहा, 'इस फैसले की टाइमिंग भी उच्च स्तर पर तय की गई। हमने कई विकल्पों पर विचार किया लेकिन अंत में प्रधानमंत्री ने को ही यही विकल्प सबसे ज्यादा पसंद आया। 

 

टैक्स देने वालों की संख्या कम

भारत ही नहीं दुनिया के कई देशों का जमा है कालाधन
सरकार ने कालेधन पर रोक लगाने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें एसआईटी, इसकी कुछ सिफारिशें, फॉरन ब्लैक मनी लॉ को अमल में लाना, इनकम डेक्लरेशन स्कीम लाना, बेनामी लॉ, पुराने नोटो को बंद करना और सोने पर एक्साइज ड्यूटी लगाना जैसे कानून शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि टैक्स देने वाले लोगों की संख्या बहुत कम है। जो लोग टैक्स दे भी रहे हैं वे भी कम-से-कम भुगतान करना चाहते हैं। यह रकम असल टैक्स से कम ही होती है।
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काले धन पर मोदी का कड़ा रुख  

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इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और 1000 रुपये के नोटों का चलन बंद करने की अचानक घोषणा कर कालाधन, भ्रष्टाचार, आतंकवाद और जाली नोट पर नकेल कसने का जबर्दस्त मास्टर स्ट्रोक लगाया था। 

प्रधानमंत्री का पद संभालने के ढाई साल बाद पहली बार टेलीविजन पर राष्ट्र के नाम संबोधन में मोदी ने  यह बड़ी घोषणा की थी। मोदी ने कहा था, ‘अतीत के अनुभवों के आधार पर भारतीय रिजर्व बैंक बड़े नोटों का चलन सीमित रखने का प्रावधान करेगा। बाजार में नए नोटों की सप्लाई को ध्यान में रखते हुए प्रतिदिन बैंकों से निकासी सीमा 10,000 रुपये और प्रति सप्ताह 20,000 रुपये तय की गई है। बाद में यह सीमा बढ़ा दी जाएगी।’ 

सरकार ने फैसला किया था कि 24 नवंबर तक पहचान पत्र (मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड, पैन आदि) दिखाकर बैंक काउंटरों तथा चुनिंदा डाकघरों पर प्रतिदिन 500 रुपये और 1000 रुपये के नोट 4000 रुपये की सीमा तक बदले जा सकेंगे। बैंकों के अतिरिक्त काउंटर खोले जाएंगे और अतिरिक्त घंटों तक काम किया जाएगा। 25 नवंबर से यह सीमा बढ़ा दी जाएगी। जो लोग किसी कारणवश 30 दिसंबर 2016 तक भी 500 और 1000 के नोट जमा नहीं करा पाते हैं, उनके लिए आरबीआई ने 31 मार्च 2017 तक की तारीख तय की है और इसके लिए उन्हें घोषणापत्र के साथ ये नोट जमा करने की सुविधा रहेगी।

अधिकारियों का कहना था कि बाजार में 1000 के नोट वाले 6.7 अरब रुपये हैं जबकि 500 के नोट वाले 16.5 अरब रुपये। पीएम मोदी ने स्वीकार किया था कि इस महत्वपूर्ण फैसले से लोगों को थोड़ी असुविधा जरूर होगी लेकिन भ्रष्टाचार मिटाने के लिए उन्हें कुछ दिनों तक यह सहन करना होगा।   
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