मारने के लिए बाजार से गोवंश की खरीद-बिक्री पर बने नियमों में बदलाव के लिए पर्यावरण मंत्रालय को कई प्रतिनिधियों के सुझाव आए हैं। चर्चा यह भी है कि भारी विरोध के बाद सरकार अब नए नियमों में कुछ बदलाव कर सकती है।
कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि सरकार पाबंदी के अपने फैसले पर पुनर्विचार कर रही है और भैंस को प्रतिबंध के दायरे से बाहर कर सकती है। इन रिपोर्टों के बाद ही सरकार ने कहा है कि उसके पास कुछ सुझाव आए हैं।
मंत्रालय ने पशु अत्याचार निरोधक अधिनियम के तहत पशुओं के साथ क्रूरता की रोकथाम के लिए हाल ही में कुछ सख्त नियम अधिसूचित किए थे जिसमें मारने के लिए मंडियों से गोवंश की खरीद-बिक्री पर पाबंदी लगा दी गई है।
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हमारे पास कई प्रतिनिधियों के सुझाव आए हैं। हम उनका अध्ययन कर रहे हैं। हालांकि अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। प्रतिनिधियों का कहना है कि सरकार के इस फैसले से पशुओं के मांस और चमड़े का निर्यात तथा कारोबार बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है।