तमिलनाडु के तूतीकोरिन में बने स्टरलाइट कॉपर प्लांट को बंद करने के सरकारी फरमान से इसका विरोध कर रहे लोगों में खुशी है। पिछले हफ्ते इस संयंत्र का विरोध कर रहे लोगों का विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया था। इसमें 13 लोगों की मौत हो गई थी। जैसे ही सरकार ने इस प्लांट को बंद करने का फैसला किया। उसके कुछ देर बाद ही एक टीम वहां पहुंची और कंपनी को सील कर दिया।
एक प्रदर्शनकारी ने कहा, 'हम इसके खिलाफ ही लड़ रहे थे और सरकार द्वारा कार्रवाई करने के लिए 13 मासूम गांववालों को अपनी जिंदगी गंवानी पड़ी।' पर्यावरणविद् नित्यानंद जयराम ने कहा, '13 गांववालों जिन्हें कि गोली मारी गई थी उनके द्वारा किया गया महान बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। वेदांता समूह पर्यावरण मानदंडों का मजाक बनाने में माहिर है।'
तमिलनाडु सरकार द्वारा
स्टरलाइट को स्थायी तौर पर बंद करने का आदेश देने के बाद के बाद तमिलनाडु के राज्य उद्योग संवर्धन निगम (एसआईपीसीओटी) ने वेदांता लिमिटेड के तांबा गलाने वाले संयंत्र को बढ़ाने के लिए तूतीकोरिन में प्रस्तावित दूसरे चरण के लिए जमीन देने से मना कर दिया है। मंगलवार सुबह जारी किए गए आदेश के अनुसार एसआईपीसीओटी के प्रबंध निदेशक के श्रीनिवासन ने बताया कि औद्योगिक परिसर में इस प्लांट के कारण विरोध प्रदर्शन हुआ। जिसमें लोगों ने पहले से मौजूद कंपनी के प्लांट द्वारा प्रदूषण फैलाने को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की।
आदेश के अनुसार, 'क्षेत्र के लोगों ने इस प्रस्तावित प्लांट की वजह से होने वाले स्वास्थ्य कारणों की तरफ ध्यान खींचा। चूंकि दूसरे चरण के प्लांट के लिए
जमीन का आवंटन एसआईपीसीओटी ने किया था इसी वजह से सार्वजनिक हितों को ध्यान में रखते हुए हम इस आवंटन को रद्द कर रहे हैं।' एसआईपीसीओटी के नियमों के अनुसार जमीन आवंटन के लिए दी गई राशि को वापस कर दिया जाएगा।