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Trump Tariff: ट्रंप टैरिफ के असर को बेअसर करने में जुटी सरकार, एक साथ इन दो प्लानिंग पर हो रहा काम

Thu, 14 Aug 2025 05:47 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
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वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल - फोटो : ANI
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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया है। इसी के साथ अब भारत पर कुल टैरिफ 50 फीसदी हो गया है। इसे अगस्त माह के अंत तक लागू होना है। इसी बीच भारत सरकार भी टैरिफ के असर को बेअसर करने की दिशा में जुट गई है। सरकार ने एक साथ कई मोर्चों पर काम कर रही हैं। वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल कहना है कि, भारत सरकार एक तरफ अमेरिका से लगातार चर्चा कर रही है वहीं दूसरी तरफ देश दुनिया के दूसरे हिस्सों में नए बाजार खोलने पर भी अपना फोकस बढ़ा रहा है।

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वाणिज्य सचिव का कहना है कि,दोनों देशों के बीच होने वाले द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर चर्चा जारी है। इसमें मंत्री स्तरीय, कूटनीतिक, वार्ताकारों तथा कंपनियों के स्तर पर लगातार चर्चा हो रही है। अब तक इस प्रस्तावित समझौते को लेकर पांच दौर की बातचीत पूरी हो चुकी है। जहां तक 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ की बात है कि वह 27 अगस्त तक भू-राजनीतिक परिस्थितियां कैसे बदलती हैं। इस पर निर्भर करता है। उन्होने साफ किया कि अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क व्यापार मुद्दे से नहीं, बल्कि भू-राजनीतिक कारणों से जुड़ा है।

शुल्क से जुड़ी अनिश्चितताओं के बीच कई वस्तुएं अमेरिकी सेक्शन 232 जांच के दायरे में हैं, लेकिन अभी तक कोई स्पष्टता नहीं है। ऐसे अनिश्चित वैश्विक नीतिगत माहौल में भारत ने स्पष्ट रणनीति अपनाई है। यह रणनीति निर्यात प्रतिस्पर्धा, एक्सपोर्ट प्रमोशन को मजबूती देने तथा आयात निर्यात डाएवर्सिफिकेशन पर आधारित है।
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उन्होनें कहा कि,पिछले भारत-अमेरिका दौरे के दौरान यह तय हुआ था कि अगस्त के अंतिम सप्ताह में वार्ता का एक और दौर होगा। भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर भी काम जारी है, जिसका लक्ष्य दोनों देशों के व्यापार को दोगुना करना है। इस पर संयुक्त बयान अमेरिका के राष्ट्रपति और भारत के प्रधानमंत्री ने भी दिया था। अमेरिका भारत का एक महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार है और भारत भी अमेरिका के लिए उतना ही अहम है। कल एक अहम बैठक होगी जिसमें अमेरिका, यूरोपीय संघ के साथ मिलकर मध्यस्थता करेगा। बीटीए वार्ता को सितंबर-अक्टूबर 2025 तक अंतिम रूप देने का लक्ष्य रखा गया है।

मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, अमेरिका का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल 25 अगस्त से भारत आने वाला है, लेकिन उनकी यात्रा की अंतिम पुष्टि अभी नहीं हुई है। यह प्रतिनिधिमंडल द्विपक्षीय व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने के लिए भारत आएगा।

दरअसल, भारत और अमेरिका के बीच यह वार्ता व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने, बाजार पहुंच, टैरिफ हटाने और तकनीकी सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर केंद्रित है। दोनों देश एक मजबूत और संतुलित व्यापार समझौते की दिशा में काम कर रहे हैं। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर अगले दौर की वार्ता के लिए अमेरिकी दल इसी माह भारत आ सकता है। वाणिज्य मंत्रालय का कहना है कि, भारत और अमेरिका के बीच चल रही द्विपक्षीय व्यापार वार्ताओं को लेकर अगला महत्वपूर्ण दौर 25 अगस्त से निर्धारित है, लेकिन अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की भारत यात्रा की स्थिति निर्धारित तिथि के करीब ही स्पष्ट होगी।

अन्य देशों पर भी भारत का फोकस
वाणिज्य मंत्रालय का कहना है कि, यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ के साथ भारत का एफटीए 1 अक्टूबर से लागू होगा। स्विट्ज़रलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड और लिकटेंस्टीन के साथ यह समझौता अगले आठ हफ्तों में प्रभावी होगा, जिससे भारतीय निर्यातकों को रियायती शुल्क का लाभ मिलेगा. ब्रिटेन से भी भारत ने एफटीए को शीघ्र लागू करने का आग्रह किया है। ऑस्ट्रेलिया के साथ भारत का आर्थिक सहयोग एवं व्यापार समझौता (ECTA) निर्यात में 84% और आयात में 86% तक उपयोग की अधिकतम सीमा तक पहुंच चुका है. भारत ने अपनी प्राथमिकता सूची को 20 से बढ़ाकर 50 देशों तक विस्तारित किया है, जो भारत की कुल एक्सपोर्ट बास्केट का 90% हिस्सा हैं. इसके अलावा, एपीडा ने अप्रैल-जुलाई 2025 के बीच 15 नए खाद्य उत्पादों को 28 नए बाजारों में निर्यात किया है।

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