सरकार छह केंद्र शासित प्रदेशों में स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कृषि, सामाजिक न्याय, दंड विधान और जांच आदि के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर काम कर रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी सचिव अजय साहनी ने कहा कि यह काम अभी पायलट प्रोजेक्ट के तहत चल रहा है।
आरएआईएसई 2020 समिट में हिस्सा लेते हुए साहनी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डाटाबेस, अधिकृत सेवा प्रदाता, अधिकृत सेवा एजेंसी और अधिकृत रजिस्ट्रार आदि का इकोसिस्टम बनने की दिखा में बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि हम इसे स्वास्थ्य सेवा से शुरू करके अर्थव्यवस्था के सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों में शामिल करने की कोशिश में आगे बढ़ रहे हैं। वहीं, मेकिंजी प्रमुख नोशीर काका ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत में जिस 50 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था का सपना देख रहे हैं, उसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में विकास से अगले साढ़े चार साल में अर्थव्यवस्था में करीब 3.67 लाख करोड़ रुपये का इजाफा होगा।