फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सड़क हादसा होते ही एंबुलेंस को मिलेगी सबसे पहले खबर, हाईटेक सिस्टम बनाने पर चल रहा काम

Mon, 08 Feb 2021 09:41 AM IST
Tanuja Yadav न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
फाइल फोटो - फोटो : PTI
विज्ञापन

देश में अब एक ऐसी तकनीक पर काम चल रहा है, जो सड़क दुर्घटना के समय पुलिस और एंबुलेंस को सबसे पहले खबर पहुंचाए। इस तकनीक को विकसित करने के पीछे का मकसद सड़क दुर्घटना के समस घायल को तुरंत इलाज दिलाना है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय इसके लिए महत्वपूर्ण योजना पर काम कर रहा है।

विज्ञापन


इस व्यवस्था में एंबुलेंस जीपीएस सुविधा से लैस होगी। मंत्रालय मौजूदा समय में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नई योजनाओं पर काम कर रहा है। इसके लिए मंत्रालय देशभर के एनआईटी और आईआईटी जैसे इंजीनियरिंग संस्थानों के साथ मिलकर हादसों को रोकने पर योजना बना रहा है।

मंत्रालय के सचिव गिरिधर अरमने ने बताया कि रोड सेफ्टी के लिए इमरजेंसी रिस्पॉन्स मैकेनिज्म पर काम किया जा रहा है। इस प्रक्रिया के तहत एंबुलेंस, अस्पताल और पुलिस कंट्रोल रूम को एक साथ जोड़ा जाएगा, ऐसा करने से सड़क दुर्घटना में घायल हुए लोगों को तुरंत इलाज मिल जाएगा। इससे राहत बचाव कार्य में भी मदद मिलेगी।
विज्ञापन


गिरिधर अरमने ने बताया कि दुर्घटना होते ही रियल टाइम सूचना मिलेगी। इसके अलावा जल्द ही सड़क दुर्घटनाओं में शिकार हुए लोगों के लिए कैशलेस इलाज की योजना की शुरुआत की जाएगी। इस मामले पर स्वास्थ्य मंत्रालय से बातचीत जारी है। सड़क दुर्घटना को कम करने के लिए मंत्रालय इन दिनों विश्व बैंक की मदद से इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट्स प्रोजेक्ट पर भी काम कर रहा है।

बता दें कि सितंबर 2019 में मोटर व्हीकल एक्ट के नियमों में किए संशोधनों को सख्ती से लागू करने के बाद देश में सड़क दुर्घटनाओं में कमी आई है। मंत्रालय का मानना है कि यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने की वजह से ही सड़क दुर्घटनाओं में कमी आई है। हालांकि भारत अभी भी ज्यादा सड़क दुर्घटनाओं वाले देशों की सूची में शामिल है। इसी को खत्म करने के लिए नई योजनाओं पर काम किया जा रहा है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें