गौरतलब है कि गैस की दवा के तौर पर दुनिया में सबसे ज्यादा रेनिटिडीन इस्तेमाल की जाती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इसे जरूरी दवाओं की सूची में शामिल कर रखा है। भारत में दवा कंपनियां करीब 180 ब्रांड नामों के साथ रेनिटिडाइन टैबलेट बनाती हैं।
इनमें एसिलॉक, पैनटेक, रेनटेक, जेनटेक जैसे कई मशहूर ब्रांड शामिल हैं। हालांकि, अब तक किसी भी भारतीय ब्रांड में कैंसर कारक अशुद्धि मिलने का खुलासा नहीं हुआ है।
भारतीय विशेषज्ञों के अनुसार, रेनिटिडाइन को गैस के उपचार के लिए अन्य दवाओं की तुलना में ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। इसे एसिडिटी और अपर इंटेस्टाइनल अल्सर के अलावे किडनी की समस्या से जूझ रहे मरीजों में भी गैस के इलाज के लिए रेनिटिडाइन को तरजीह दी जाती है।
भारत सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अभी लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। सरकार इस मामले पर सही समय पर उचित कदम उठाएगी। फिलहाल अभी बाजार में इसकी कमी करने का कोई कदम नहीं उठाया गया है।