दुनियाभर में ड्रोन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में भारत सरकार बिना परमीशन के देश में उड़ने वाले ड्रोन को रोकने के लिए नया प्लान बना रही है। दरअसल, सरकार जल्द ही देश में उड़ने वाले ड्रोन से निपटने के लिए इलेक्ट्रोमैग्नेटिक सिस्टम खरीदने का विचार कर रही है।
देश में कई ऐसे मामले सामने आए हैं जब बिना अनुमति के ड्रोन उड़ते हुए देखे गए हैं। गृह मंत्रालय जर्मन कंपनी DIEHL से हाई पावर इलेक्ट्रोमैग्नेटिक सिस्टम खरीदने का प्लान बना रही है। इस सिस्टम के जरिए अवैध ड्रोन को उड़ने से रोका जा सका।
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इस सिस्टम में एक रडार, रेडियो फ्रीक्वेंसी जैमर और डिटेक्टर लगा हुआ है। इस सिस्टम की कीमत 8-10 करोड़ रुपये है। गृह मंत्रालय, नेशनल सिक्योरिटी गार्ड और सीआईएसएफ के जवानों को ये सिस्टम सौंप सकता है। हाल में ही, नॉर्थ ब्लॉक में गृह मंत्रालय ने एक बैठक की थी, जिसमें भारतीय एयरफोर्स, पैरामिलिट्री फोर्स के चीफ, डीजीसीए के अधिकारियों ने हिस्सा लिया था।
सूत्रों का कहना है कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय इस हाई पावर इलेक्ट्रोमैग्नेटिक सिस्टम के लिए नोडल एजेंसी बनना चाहती है। हालांकि, गृह मंत्रालय ने कहा कि चूंकि यह मुद्दा राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित है, इसलिए यह इसके लिए नोडल एजेंसी होगी।
ज्यादातर ड्रोन या यूएवी उड़ान के दौरान पायलट के द्वारा देखे जाते हैं। जब इसकी जानकारी सुरक्षा एजेंसी को दी जाती थी, तो उस वक्त यह तय नहीं हो पाता है कि इनसे कैसे निपटा जाए। जिसे देखते हुए सरकार हाई पावर इलेक्ट्रोमैग्नेटिक सिस्टम खरीदने का प्लान बना रही है।