सरकारी विभागों की वेबसाइटें पूरी तरह से सुरक्षित नहीं हैं। ये वेबसाइटें प्रयोग करने वाले आम आदमी के डेटा और डिजिटल इंडिया अभियान की साख के लिए खतरा बन सकती हैं। इस संबंध में इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्रालय ने सभी विभागों को पत्र लिखकर वेबसाइटों को सुरक्षित बनाने के लिए जरूरी कदम उठाने का निर्देश जारी किया है। एक सर्वेक्षण के मुताबिक 30 फीसदी वेबसाइटें असुरक्षित हैं। आईटी राज्य मंत्री एसएस अहलूवालिया ने इस मुद्दे पर पहले डिजिटल इंडिया अभियान के हिस्सेदार मंत्रालयों को वेबसाइटें सुरक्षित नहीं होने का संकेत दिया था। उन्होंने संचार मंत्री मनोज सिन्हा समेत अन्य को इस बारे में पत्र लिखा था।
प्रयोगकर्ता के डेटा और डिजिटल इंडिया की साख के लिए खतरा हैं वेबसाइटें
इसके बाद मंत्रालय ने सभी विभागों को निजता और सुरक्षा के प्रति कदम उठाने को कहा है। मंत्रालय ने सभी को सिक्योर सॉकेट लेयर (एसएसएल) सर्टिफिकेट अपनाने को कहा है। इससे हैकर वेबसाइट या उसके जरिए किसी अन्य तक पहुंच कर डेटा को हैक नहीं कर पाते हैं। अहलूवालिया ने अपने पत्र में स्पष्ट किया था कि ई-गवर्नेंस के लिए सबसे जरूरी यह है कि सरकारी विभागों की हर वेबसाइट पूरी तरह से सुरक्षित हो। एसएसएल सर्टिफिकेट नहीं होने की स्थिति में बहुत सी वेबसाइटों को असुरक्षित दर्शाया जाता है।
महत्वपूर्ण होने के बावजूद कई सरकारी विभागों की वेबसाइटों के पास यह सर्टिफिकेट नहीं है। यदि किसी के पास है तो उसका नवीनीकरण नहीं कराया गया है। हर साल सरकारी वेबसाइटों पर कई हजार बार साइबर अटैक होते हैं जिन्हें cert-in.org.in नाकाम करता है।