केंद्र सरकार ने देश में सख्त और करदाताओं के हितों का ध्यान रखने वाली प्रत्यक्ष कर व्यवस्था स्थापित करने के उद्देश्य से आयकर विभाग को नए सिरे से कैडर समीक्षा करने और उसके पुनर्गठन का आदेश दिया है। आयकर विभाग के लिए नीतियां बनाने वाली केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने सोमवार को इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों की 12 सदस्यीय समिति गठित करने का आदेश दिया है। उन्हें इस कार्य को पूरा करने के लिए तीन महीने का समय दिया गया है। दिल्ली के आयकर विभाग के प्रमुख महानिदेशक एसके दास इस समिति के अध्यक्ष होंगे।
इस आदेश को इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि एक अन्य समिति या कार्य बल नया प्रत्यक्ष कर कानून का मसौदा तैयार कर रही है। यह मौजूदा आयकर अधिनियम की जगह लेगा। सरकार ने समिति को 28 फरवरी तक अपनी रिपोर्ट जमा करने को कहा है। नई समिति चार सूत्री चार्टर का पालन कर कैडर समीक्षा करने के साथ उसके पुनर्गठन का काम करेगी।
समिति के संदर्भ शर्तों की प्रति में कहा गया है कि समिति आयकर विभाग को इस तरह से सुव्यवस्थित करने के तरीकों के संबंध में सुझाव देगी, जो उसे नियमों के अनुपालन को लेकर सख्त और करदाता के हितों का ध्यान रखने वाला बनाएगा। सीबीडीटी ने कहा कि कैडर समीक्षा और पुनर्गठन का उद्देश्य आयकर विभाग को चुनौतियों को पूरा करने में सक्षम बनाना है।