कहीं भारी दबाव में तो नहीं है शरद पवार?
राजनीति के पुराने खिलाड़ी शरद पवार को भांपना इतना आसान नहीं है, लेकिन एक चर्चा यह भी तेज है कि शरद पवार पीएम मोदी से करीब का रिश्ता रखते हैं। पवार और पार्टी के बड़े नेता प्रफुल्ल पटेल पर प्रवर्तन निदेशालय का दबाव बढ़ रहा है। प्रफुल्ल पटेल तेजी से जांच एजेंसियों के रडार पर आ रहे हैं। इसलिए शरद पवार दो कदम आगे और ढाई कदम पीछे चल रहे हैं।
एक दूसरी भी चर्चा है। यह चर्चा कांग्रेस के धर्म निरपेक्ष चेहरे को लेकर है। कहा जा रहा है कि शिवसेना कट्टर हिंदुत्व की विचारधारा पर यकीन रखती है। कांग्रेस-एनसीपी के करीब आने पर शिवसेना का 'धार्मिक निरपेक्षता का छुआछूत' जहां खत्म हो जाएगा, वहीं कांग्रेस को अपनी राजनीतिक विचारधारा के मद्देनजर जवाब देना भारी पड़ेगा।
बताया जा रहा है कि इसके बाबत कुछ जरूरी पहल पर तीनों दलों में सहमति नहीं बन पा रही है। इसके सामानांतर एक चर्चा और है कि सरकार गठन और सत्ता के बंटवारे में तीनों दल आपसी सहमित के धरातल पर नहीं आ पा रहे हैं। कुल मिलाकर महाराष्ट्र की सरकार गठन संभावना पर एक बार फिर संशय के बादल छा गए हैं।