Arun Jaitley and Ram Vilas Paswan
इस साल एक जुलाई से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने से पहले के स्टॉक को नई कीमत वाले स्टिकर के साथ बेचने की अवधि तीन महीने के लिए बढ़ा दी गई है।
इसकी मियाद 30 सितंबर को खत्म हो रही थी, लेकिन अभी दुकानदारों के पास काफी मात्रा में पुराना माल बचा हुआ था। इसके मद्देनजर सरकार ने मोहलत देने का फैसला किया है। अब 31 दिसंबर, 2017 तक पुराना स्टॉक बेचने की छूट होगी।
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वित्त मंत्रालय की मंजूरी के बाद उपभोक्ता मामले मंत्रालय ने शुक्रवार को पुराने स्टॉक बेचने की समय सीमा बढ़ाए जाने की अधिसूचना जारी कर दी। इसकी जानकारी देते हुए उपभोक्ता मामले मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि बाजार से पुराने स्टॉक को क्लियर करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
सरकार के इस फैसले से कंपनियों, दुकानदारों और निर्यातकों ने काफी राहत महसूस की है क्योंकि नए अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) वाले स्टिकर के साथ पुराने स्टॉक को बेचने की अनुमति नहीं दी जाती तो एक अक्तूबर से ऐसे माल को जब्त करने की कार्रवाई शुरू हो जाती।
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इसके मद्देनजर उद्योग एवं व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने बृहस्पतिवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात कर अंतिम तिथि बढ़ाए जाने का आग्रह किया था।