प्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका और बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में संभावित परियोजनाओं पर चर्चा की।अधिकारियों ने कहा कि सरकार और संयुक्त राष्ट्र एजेंसियां आदिवासियों के लिए स्थाई और प्रभावशाली परिणाम सुनिश्चित करने के लिए साझेदारी करेंगी।
केंद्र सरकार ने आदिवासियों की बेहतर जीवन के लिए संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय फाउंडेशनों के साथ सक्रिय रूप से साझेदारी तलाश रही है। आदिवासी मामलों के मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), विश्व बैंक, संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम और संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम सहित संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की।
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मंत्रालय में सचिव विभु नायर ने कहा, "ये साझेदारियां भारत में विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण है। इन बैठक में उन क्षेत्रों पर चर्चा हुई, जहां संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों के दखल की जरूरत है और जहां अंतरराष्ट्रीय संस्था आदिवासियों के विकास कार्य में सहयोग कर सके।"
प्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका और बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में संभावित परियोजनाओं पर चर्चा की।अधिकारियों ने कहा कि सरकार और संयुक्त राष्ट्र एजेंसियां आदिवासियों के लिए स्थाई और प्रभावशाली परिणाम सुनिश्चित करने के लिए साझेदारी करेंगी।