कर्मचारियों की यह हड़ताल 25 से 29 जुलाई तक है। इसके बाद 30 जुलाई को शनिवार और 31 को रविवार को अवकाश है। वहीं दूसरी ओर शिक्षक पहले से ही हड़ताल पर हैं। इसके चलते बच्चों को पांच दिन तक मिड-डे-मील भी नहीं मिलेगा।
छत्तीसगढ़ के सभी कर्मचारी संगठनों ने एकजुट होकर हड़ताल पर जाने का एलान किया है। इसके चलते अगले एक सप्ताह तक प्रदेश के सभी सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे। जाहिर है इससे बहुत सारी सेवाएं बंद हो जाएंगी। आम लोगों की दिक्कतें बढ़ेंगी।
विज्ञापन
25 से 29 जुलाई तक हड़ताल
जानकारी के मुताबिक, कर्मचारियों की यह हड़ताल 25 से 29 जुलाई तक है। इसके बाद 30 जुलाई को शनिवार और 31 को रविवार को अवकाश है। वहीं दूसरी ओर शिक्षक पहले से ही हड़ताल पर हैं। इसके चलते बच्चों को पांच दिन तक मिड-डे-मील भी नहीं मिलेगा।
कर्मचारी कर रहे केंद्रीय कर्मचारियों के समान मांग
ये कर्मचारी केंद्रीय कर्मचारियों के समान महंगाई भत्ते और मकान किराया भत्ता की मांग कर रहे हैं। केंद्र के कर्मचारियों को 34 प्रतिशत का महंगाई भत्ता दिया जाता है, वहीं राज्य के कर्मचारियों को महज 22 फीसदी ही मिलता है।
विज्ञापन
मानसून सत्र पर भी दिखेगा हड़ताल का असर
कर्चमारी फेडरेशन के हड़ताल के आह्वान पर अन्य कर्मचारी संगठन, शिक्षक संघ और पटवारी संघ भी इसमें शामिल हो गए हैं। कर्मचारियों की हड़ताल का असर विधानसभा में चल रहे मानसून सत्र पर भी देखने को मिल सकता है। कार्रवाई के दौरान ऐसे कई सवाल और सूचनाएं मांगी जाती हैं, जो तत्काल लगाई जाती हैं। इसका जवाब संबंधित अधिकारी को देना होता है, लेकिन जानकारी जुटाने की जिम्मेदारी कर्मचारियों की ही होती है। ऐसे में यह काम प्रभावित हो सकता है।