केंद्र और राज्य सरकारों ने मार्च में लॉकडाउन शुरू होने के साथ ही सभी तरह के ट्रेनिंग कार्यक्रमों पर रोक लगा दी थी। सुरक्षा बलों की सामान्य ट्रेनिंग, प्रमोशन कोर्स व विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम टाल दिए गए थे। इन हाउस ट्रेनिंग और रिफ्रेशर कोर्स भी स्थगित कर दिए गए थे। अब 15 जुलाई से ऐसे सभी कोर्स दोबारा शुरू हो रहे हैं।
डीओपीटी ने अपनी गाइडलाइन में कहा है कि प्रत्येक विभाग यह कोशिश करे कि ट्रेनिंग कार्यक्रम ऑनलाइन हो। यदि उसमें शारीरिक क्षमता वाला हिस्सा है तो उसके लिए सावधानी बरतते हुए प्रशिक्षण चालू किया जाए। इसका अलग से शेड्यूल तैयार करें और इसे केंद्र और राज्य सरकार के नोडल अधिकारी के पास भेजें।
गाइडलाइन में कहा गया है कि सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क और हैंडवॉश जैसी बातें ट्रेनिंग शुरू होने से पहले ही बता दी जाएं। क्लास, हॉस्टल, कॉरिडोर, लॉबी और स्टाफ रूम को कैसे साफ करें, इसके लिए अलग से बताया गया है। ट्रेनिंग सेंटर पर आने वाले हर कर्मी के लिए आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करना अनिवार्य होगा।
इतना ही नहीं, सेंटर पर अलग से एक अधिकारी नियुक्त होगा, जिसका काम केवल यह चेक करना होगा कि सभी कर्मी आरोग्य सेतु एप का इस्तेमाल ठीक तरह से कर रहे हैं या नहीं।
सभी ट्रेनिंग सेंटर पर कम से कम एक योग्य डॉक्टर होना चाहिए। क्वारंटीन सुविधा अलग से होगी। लोकल अस्पताल और एंबुलेंस के साथ संपर्क रखना होगा। ट्रेनिंग सेंटर पर बाहर से आने वाले लोगों का प्रवेश वर्जित रहेगा। सुरक्षा के लिहाज पर हर गेट पर थर्मल स्कैनर लगाए जाएंगे। टच फ्री (स्पर्श मुक्त) हैंड सैनिटाइजर की व्यवस्था रहेगी।
अगर ट्रेनिंग लेने वालों की सूची में गर्भवती महिला या बच्चे को स्तनपान कराने वाली कर्मी का नाम शामिल है तो उसे सेंटर पर आने की जरूरत नहीं होगी। किसी कर्मी को उच्च रक्तचाप है या दिल की बीमारी है तो उसे ट्रेनिंग सेंटर पर आने से छूट मिलेगी। इन सभी के लिए ऑनलाइन ट्रेनिंग का इंतजाम किया जाएगा।
केंद्र और राज्य सरकारों को यह सुनिश्चित करना होगा कि हर एक ट्रेनिंग सेंटर पर कोविड प्रबंधन के लिए नोडल अफसर है या नहीं। हर हालत में किसी एक जिम्मेदार अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्ति करना होगा। ट्रेनी और स्टाफ, दोनों को अपने स्वास्थ्य की केस हिस्ट्री देनी होगी।
ट्रेनिंग सेंटर पर आने वालों को एयरपोर्ट या रेलवे स्टेशन से लाने के लिए वाहन का इंतजाम करना होगा। ऐसे कर्मी पब्लिक ट्रांसपोर्ट से नहीं आएंगे। सभी कर्मियों को अपना कमरा खुद साफ करना होगा। ऐसा इसलिए किया गया है कि ताकि कोरोना संक्रमण के फैलने की गुंजाइश ही खत्म हो जाए।
यदि वहां पर कोई सफाई कर्मी आता है तो वह सभी के कमरे एक साथ साफ करेगा। इससे संक्रमण के फैलने का खतरा बढ़ जाएगा। इसी वजह से कमरा साफ करने और कपड़े धोने की जिम्मेदारी स्वयं कर्मचारी को वहन करनी होगी। सेंटर में मौजूद जिम और स्वीमिंग पूल आदि सुविधाएं बंद रहेंगी।
ट्रेनिंग सेंटर पर आने वालों को अपनी फिटनेस बरकरार रखनी होगी। इसके लिए सेंटर पर विशेषज्ञ की व्यवस्था की जाएगी। कर्मियों को केवल योग करने की इजाजत होगी। ट्रेनिंग खत्म होने से पहले प्रशिक्षक और ट्रेनी, संस्थान से बाहर न जाएं, यह सुनिश्चित करना होगा। हालांकि, आपात स्थिति में आने-जाने की इजाजत दी जा सकती है।