प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोशल मीडिया की गतिविधियों पर सरकार एक नया पैसा भी खर्च नहीं करती। इसके उलट आकाशवाणी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम के प्रसारण के कारण अच्छी खासी आमदनी होती है।
यहां तक कि प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकृत मोबाइल एप (पीएमओ इंडिया) को विकसित करने में भी सरकार को अपनी ओर से एक पाई भी खर्च नहीं करना पड़ा। इन तथ्यों का खुलासा आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के द्वारा सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी के तहत प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से दी गई सूचनाओं से हुआ।
पीएम मोदी पूरी दुनिया में सोशल मीडिया के रचनात्मक उपयोग के कारण सबसे चर्चित हस्तियों में गिने जाते हैं। पीएम मोदी के निजी ट्वीटर अकाउंट को 2.8 करोड़ से भी ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। जबकि पीएमओ इंडिया को 1.65 करोड़ से भी ज्यादा लोग फॉलो करते हैं।
सूचना के अधिकार के तहत दी गई जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी के ट्वीटर, फेसबुक, यूट्यूब या गूगल अकाउंट पर कोई सरकारी खर्च नहीं होता है। जवाब से यह पता चला है कि पीएमओ इंडिया एप को एक प्रतियोगिता के द्वारा विद्यार्थियों ने विकसित किया। इसके लिए विजयी प्रतिभागी को पुरस्कार दिया गया।
लेकिन इस मद में पुरस्कार की राशि भी सरकार के बदले गुगल ने दी। एक अन्य नरेंद्र मोदी एप जो कि भारत और विदेशों में प्रधानमंत्री से सीधा संपर्क करने के लिए बहुचर्चित है, इसके निर्माण और रखरखाव में पीएमओ या भारत सरकार की कोई भूमिका नहीं है। इसे भाजपा के आईटी सेल के द्वारा विकसित किया गया है और इसके रखरखाव का जिम्मा भी इसी सेल के पास है।