फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रीमियम पेट्रोल रहेगा इथेनॉल मुक्त: E0-E10 पेट्रोल फिर से लाने की कोई योजना नहीं, E20 पर सरकार ने क्या कहा?

Thu, 23 Jul 2026 09:31 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Government Clarifies Fuel Policy: सरकार ने साफ कर दिया है कि प्रीमियम पेट्रोल में आगे भी एथेनॉल नहीं मिलाया जाएगा। साथ ही E20 से अधिक इथेनॉल मिश्रण पर भी कई अहम बाते कही है। E0 तथा E10 पेट्रोल दोबारा शुरू करने की भी कोई योजना नहीं है। सरकार का कहना है कि अब लक्ष्य बेहतर और स्वच्छ ईंधन की ओर बढ़ना है। ऐसे में सवाल है कि E0 और E10 की वापसी क्यों नहीं होगी और इसका उपभोक्ताओं पर क्या असर पड़ेगा? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं... 

विज्ञापन
E20 पर सरकार ने लोकसभा में क्या कुछ कहा? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

देश में इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर चल रही चर्चा के बीच सरकार ने बड़ा स्पष्टीकरण दिया है। सरकार ने कहा है कि सरकारी तेल कंपनियों की ओर से बेचे जाने वाले प्रीमियम पेट्रोल में पहले की तरह आगे भी इथेनॉल नहीं मिलाया जाएगा। साथ ही पेट्रोल में 20 प्रतिशत से अधिक इथेनॉल मिश्रण बढ़ाने का फिलहाल कोई फैसला नहीं हुआ है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि E0 और E10 पेट्रोल की आपूर्ति दोबारा शुरू करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। सरकार का कहना है कि देश की ईंधन नीति अब स्वच्छ और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित ईंधन की दिशा में आगे बढ़ने की है।
विज्ञापन


लोकसभा में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने लिखित जवाब में बताया कि इंडियन ऑयल का XP100, हिंदुस्तान पेट्रोलियम का poWer100 और भारत पेट्रोलियम का Speed100 जैसे प्रीमियम पेट्रोल में इथेनॉल नहीं मिलाया जाता। ये विशेष प्रकार के ईंधन हैं, जिनमें प्रदर्शन क्षमता बढ़ाने वाले खास एडिटिव्स होते हैं। देश में कुल पेट्रोल बिक्री में इनकी हिस्सेदारी केवल लगभग 0.5 प्रतिशत है। इन प्रीमियम पेट्रोल की कीमत लगभग 160 रुपये प्रति लीटर है, जबकि 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित सामान्य पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर है। सरकार ने यह भी कहा कि यदि भविष्य में E20 से अधिक इथेनॉल मिश्रण बढ़ाने पर विचार होगा तो उससे पहले विस्तृत वैज्ञानिक और तकनीकी अध्ययन किए जाएंगे तथा वाहन निर्माता कंपनियों, तेल विपणन कंपनियों और अनुसंधान संस्थानों से सलाह ली जाएगी।

प्रीमियम पेट्रोल में इथेनॉल क्यों नहीं मिलाया जाता?

सरकार के अनुसार XP100, poWer100 और Speed100 जैसे प्रीमियम पेट्रोल विशेष प्रदर्शन वाले ईंधन हैं। इनमें ऐसे एडिटिव्स मिलाए जाते हैं जो वाहन के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए तैयार किए गए हैं। इसी कारण इनमें इथेनॉल मिश्रण नहीं किया जाता। दूसरी ओर सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की ईंधन कंपनियों को इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (EBP) कार्यक्रम के तहत सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अधिकतम 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल की आपूर्ति करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने यह भी बताया कि न्यूनतम 95 रिसर्च ऑक्टेन नंबर (RON) वाला इथेनॉल मिश्रित मोटर स्पिरिट एक अप्रैल 2026 से अधिसूचित किया जा चुका है।

E20 पेट्रोल को लेकर सरकार ने क्या दावा किया?

  • सरकार के अनुसार E20 पेट्रोल को लेकर कोई व्यापक या प्रमाणित शिकायत नहीं मिली है।
  • वाहन निर्माता कंपनियों, ऑटोमोबाइल संगठनों और उपभोक्ता संगठनों ने बड़े स्तर पर कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई है।
  • प्रयोगशाला परीक्षणों में इंजन की मजबूती पर कोई व्यापक नकारात्मक असर नहीं पाया गया।
  • फील्ड ट्रायल और परिचालन संबंधी आंकड़ों में भी वाहन के प्रदर्शन या उम्र पर कोई बड़ा नुकसान सामने नहीं आया।
  • देश में 20 करोड़ से अधिक दोपहिया वाहन E20 जैसे अधिक इथेनॉल मिश्रित ईंधन पर चल रहे हैं।
  • 3 करोड़ से ज्यादा पेट्रोल कारें भी अधिक इथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन का उपयोग कर रही हैं।
  • सरकार का कहना है कि अब तक ऐसा कोई सत्यापित प्रमाण नहीं मिला है, जिससे बड़े पैमाने पर इंजन खराब होने के लिए इथेनॉल मिश्रण को जिम्मेदार ठहराया जा सके।
  • सरकार के अनुसार उपलब्ध वैज्ञानिक और परिचालन संबंधी आंकड़े E20 ईंधन के व्यापक उपयोग का समर्थन करते हैं।

E0 और E10 पेट्रोल की वापसी क्यों नहीं होगी?

सरकार ने स्पष्ट किया कि E0 और E10 पेट्रोल दोबारा शुरू करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। सुरेश गोपी ने कहा कि E0 का मतलब बिना इथेनॉल वाला पेट्रोल और E10 का मतलब 10 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल है। वर्तमान में E20 यानी 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल देश के एक लाख से अधिक पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध है, जबकि प्रीमियम पेट्रोल केवल चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर मिलता है। सरकार के अनुसार E0, E10 और E20 तीनों प्रकार के पेट्रोल की समानांतर आपूर्ति व्यवस्था बनाए रखने से लॉजिस्टिक्स, भंडारण और संचालन की लागत काफी बढ़ जाएगी। इसीलिए अब E0 और E10 पेट्रोल नहीं बनाया जाएगा। सरकार ने कहा कि सार्वजनिक नीति का उद्देश्य उपभोक्ता सुविधा के साथ ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरणीय स्थिरता और किसानों के हितों के बीच संतुलन बनाना है। इसलिए बेहतर और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित ईंधन अपनाने के बाद पुराने मानक पर लौटने की कोई योजना नहीं है।
 

ईंधन

एथेनॉल की मात्रा

E0

0 प्रतिशत (बिना एथेनॉल)

E10

10 प्रतिशत एथेनॉल

E20

20 प्रतिशत एथेनॉल

सरकार ने आगे की ईंधन नीति पर क्या कहा?

सरकार ने कहा कि सार्वजनिक नीति का उद्देश्य बेहतर गुणवत्ता वाले ईंधन की ओर बढ़ना है, न कि कम बेहतर मानक पर वापस लौटना। सुरेश गोपी ने कहा कि वैज्ञानिक परीक्षणों के बाद जिस ईंधन को ऑटोमोबाइल उद्योग ने स्वीकार कर लिया है, उसे छोड़कर पुराने विकल्प पर लौटने का कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने कहा कि एक बार स्वच्छ और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित ईंधन अपनाने के बाद लक्ष्य बेहतर तकनीक की ओर बढ़ना होना चाहिए। इसी वजह से सरकार E20 पेट्रोल को बढ़ावा देने की नीति पर आगे बढ़ रही है और फिलहाल E0 तथा E10 पेट्रोल की वापसी की कोई योजना नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें