सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ जजों के प्रेस कांफ्रेंस कर मुख्य न्यायाधीश पर आरोप लगाने के मामले का कोई औपचारिक ब्यौरा सरकार को नहीं भेजा गया है। कानून मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी राज्यसभा को दी।
कानून राज्य मंत्री पी पी चौधरी ने उच्च सदन में लिखित सवाल के जवाब में कहा कि संविधान के तहत न्यायपालिका एक स्वतंत्र इकाई है। वह अपने अंदरुनी मामलों के निबटारे में पूरी तरह सक्षम है। लिहाजा सरकार उसमें कोई दखल नहीं देगी।
चौधरी ने कहा कि सरकार न्यायपालिका की स्वतंत्रता को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद मोतीलाल बोहरा ने राज्यसभा में सवाल किया था कि सुप्रीम कोर्ट के जजों ने इतिहास में पहली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्य न्यायाधीश पर आरोप लागाया है। इस बाबत कोइ जानकारी सरकार को नहीं दी गई है।