गृह मंत्रालय ने उन सभी गांवों के नाम बदलने की इजाजत दे दी है जिनके नामों को स्थानीय लोग किसी लिंग, समुदाय और नकारात्मक अर्थ होने की वजह से अपमानजनक मानते थे। सरकार बहुत से आवेदन पर विचार कर रही है। सरकार के अधिकारियों के अनुसार मंत्रालय को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से पिछले साल 30 आवेदन मिले थे। जिसमें से आठ राजस्थान से और पांच-पांच उत्तर प्रदेश और हरियाणा से थे। सरकार ने 21 आवेदन को क्लीयर कर दिया है और 9 पर विचार किया जा रहा है।
एक वरिष्ठ मंत्री ने कहा- नाम बदलने का प्रपोजल पहले स्थानीय प्रशासन द्वारा राज्य को भेजा जाता है। इसके बाद राज्य सरकार बुनियादी तौर पर जांच करके देखती है कि यह प्रपोजल लोगों की भावनाओं से जुड़ा है या नहीं। अगर ऐसा होता है तो इसे गृह मंत्रालय को भेज दिया जाता है। दस्तावेजों के अनुसार हरियाणा सरकार ने हिसार जिले के चमार खेड़ा का नाम बदलकर सुंदर खेड़ा कर दिया है। इसकी वजह चमार का दलित समुदाय से ताल्लुक रखना है।
मंत्रालय ने हरियाणा के किन्नर गांव का नाम गाईबा नगर और गांडा गांव का नाम अजित नगर कर दिया है। बिहार के नचनिया गांव का नाम काशीपुर कर दिया गया है। इसके अलावा राजस्थान के चोर बसाई का नाम अब बसाई हो गया है।