सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ (फाइल फोटो)
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सरकार ने सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ के एनजीओ का एफसीआरए लाइसेंस रद्द कर दिया है। ऐसा कथिततौर पर कई कानूनी प्रावधानों के उल्लंघन के कारण किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक आदेश में कहा है कि जांच से दौरान सीतलवाड़ की संस्था सबरंग ट्रस्ट में कई अनियमितताएं पाई गईं।
तीस्ता और उनके पति इस ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी हैं। मंत्रालय ने कहा कि इस मामले में संस्था की प्रतिक्रिया का बारीकी से अध्ययन करने के बाद लाइसेंस रद्द करने का फैसला लिया गया। मंत्रालय के मुताबिक तीस्ता और उनके पति आनंद सबरंग कम्युनिकेशंस और पब्लिशिंग प्राइवेट लिमिटेड (एससीपीपीएल) के निदेशक, सह संपादक, प्रिंटर और पब्लिशर हैं, जो कम्युनल कंबैट नाम से एक पत्रिका निकालती है।
आदेश में कहा गया है कि सबरंग ट्रस्ट ने एससीपीपीएल के लिए 50 लाख रुपये खर्च किए जो स्पष्टतौर पर विदेश सहायता नियामक कानून (एफसीआरए) का उल्लंघन है। इस तरह एनजीओ ने एक गैर पंजीकृत कंपनी के लिए न केवल अवैध रूप से विदेशी सहायता राशि का इस्तेमाल किया, बल्कि वह कंपनी उनकी खुद की मीडिया और पब्लिशिंग कंपनी है।
इस उद्देश्य के लिए धन का इस्तेमाल एफसीआरए के तहत पूरी तरह से वर्जित है।