एवियन इन्फ्लूएंजा एक अत्यधिक संक्रामक वायरल बीमारी है, जो पक्षियों को प्रभावित करती है, कभी-कभी स्तनधारियों में भी फैल जाती है। 2006 में भारत में पहली बार इसका पता चलने के बाद से, हर साल कई राज्यों में इसके प्रकोप की सूचना दी जाती रही है।
देश में एवियन इन्फ्लूएंजा (बर्ड फ्लू) ने दस्तक दे दी है। देश में छह सक्रिय क्षेत्र पाए गए हैं। इसे लेकर भारत सरकार के पशुपालन और डेयरी विभाग (डीएएचडी) ने कृषि भवन में एक उच्च स्तरीय बैठक की। डीएएचडी की सचिव अलका उपाध्याय की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में शीर्ष वैज्ञानिक विशेषज्ञों, पोल्ट्री उद्योग के प्रतिनिधियों और नीति निर्माताओं ने बीमारी को रोकने और इसके प्रसार को रोकने के लिए तत्काल उपायों पर चर्चा की। इसमें तय किया गया है कि सभी पोल्ट्री फार्म को पंजीकृत करना अनिवार्य कर दिया गया है।
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एवियन इन्फ्लूएंजा एक अत्यधिक संक्रामक वायरल बीमारी है, जो पक्षियों को प्रभावित करती है, कभी-कभी स्तनधारियों में भी फैल जाती है। 2006 में भारत में पहली बार इसका पता चलने के बाद से, हर साल कई राज्यों में इसके प्रकोप की सूचना दी जाती रही है। इस साल, वायरस ने क्रॉस-स्पीशीज ट्रांसमिशन दिखाया है, यह पोल्ट्री, जंगली पक्षियों और कुछ क्षेत्रों में बड़ी बिल्लियों को भी प्रभावित कर रहा है। वर्तमान में, झारखंड, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में छह सक्रिय प्रकोप क्षेत्र बने हुए हैं।
संकट से निपटने के लिए त्री-आयामी रणनीति
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए, बर्ड फ्लू को रोकने और नियंत्रित करने के लिए त्री-आयामी रणनीति सामने रखी गई है। इसमें कड़े जैव सुरक्षा उपाय पोल्ट्री फार्मों को स्वच्छता प्रथाओं को बढ़ाने, फार्म तक पहुंच को नियंत्रित करने और संक्रमण के जोखिम को कम करने के लिए कड़े जैव सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने को कहा गया है।