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सरकारी बैंक आपस में कर सकेंगे लोन की खरीद-बिक्री

Mon, 01 Jan 2018 06:05 AM IST
अमर उजाला, नई दिल्ली
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केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने सरकारी बैंकों के बैलेंस शीट को मजबूत करने के मकसद से उन्हें निर्देश दिया है कि वे अन्य बैंकों के साथ अपनी ऋण संपत्तियों की बिक्री और अदला-बदली के लिए विकल्पों की तलाश करें। सूत्रों ने कहा कि अपनी-अपनी विशेषज्ञता और प्रतिस्पर्धात्मकता के आधार पर बैंक ऋण संपत्तियों की खरीद या अदला-बदली के अवसरों पर गौर कर सकते हैं। गत माह पीएसबी मंथन में इस मुद्दे पर भी चर्चा हुई थी। संपत्तियों की अदला-बदली और बिक्री से बैंकों को अपनी विशेषज्ञता पर अधिक ध्यान देने और बोझ को घटाने में मदद मिलेगी।
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सूत्रों ने उदाहरण देते हुए समझाया कि यदि किसी बैंक को एमएसएमई क्षेत्र में ऋण देने में विशेषज्ञता हासिल है, तो वह अपने खुदरा ऋण पोर्टफोलियो की अन्य बैंक के साथ अदला-बदली कर सकता है। लघु उद्योगों को ऋण की उपलब्धता बढ़ाने के लिए वित्त मंत्रालय ने सरकारी बैंकों को एमएसएमई केंद्रित शाखाएं खोलने के लिए भी कहा है। एमएसएमई बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करता है और देश के विनिर्माण में यह 40 फीसदी योगदान करता है।

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घटनाक्रम की जानकारी रखने वालों ने कहा कि इसके अलावा बैंकों को क्लस्टर आधारित ऋण अदायगी को भी मजबूत करने के लिए कहा गया है। शाखाएं उन क्षेत्रों में ऋण देने पर विशेष जोर देंगी, जो विकास के इंजन हैं। उन्होंने बताया कि ऋण की उपलब्धता बढ़ाने को 50 क्लस्टरों की पहचान कर ली गई है। सिडबी ने उद्यमीमित्र डॉट इन पोर्टल में सुधार किया है, जिससे बैंक एमएसएमई परियोजनाओं को ऋण देने के लिए प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे। एजेंसी
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