सरकारी और निजी कंपनियां तेजी से ऑक्सीजन का उत्पादन कर उसे अस्पतालों तक पहुंचा रही हैं। कंपनियों ने मांग को देखते हुए मेडिकल इस्तेमाल के लिए गैस उत्पादन बढ़ाने के साथ आपूर्ति भी तेज कर दी है।
सेल : 35 हजार टन गैस दी
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (सेल) कोरोना काल में अपने संयंत्रों से 35 हजार टन से ज्यादा तरल मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति कर चुकी है।
- पिछले 6 दिन में 660 मीट्रिक टन ऑक्सीजन सप्लाई की जबकि बुधवार को 891 मीट्रिक टन ऑक्सीजन अस्पतालों को दी।
- 9 महीनों के दौरान कंपनी ने सरकार को 36747 मीट्रिक टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन सप्लाई की है।
- इस महीने सेल ने ऑक्सीजन उत्पादन और तेज कर दिया है। अब सेल मालगाड़ी की एक रेक ऑक्सीजन बोकारो स्टील प्लांट से रवाना करने वाली है।
रिलायंस : 700 टन गैस उत्पादन
- रिलायंस महाराष्ट्र , गुजरात , मध्य प्रदेश , दमन एवं दीव और सिलवासा के अस्पतालों को ऑक्सीजन भेज रही है।
- जामनगर रिफाइनरी से महाराष्ट्र के सरकारी अस्पतालों को 400 टन गैस की आपूर्ति। ऑक्सीजन उत्पादन बढ़ाकर 700 टन किया। इसे 1000 टन प्रतिदिन किया जा सकता है।
- जेएसडब्ल्यू स्टील महाराष्ट्र को रोज 200 टन और कर्नाटक को 400 टन ऑक्सीजन दे रही है। 900 से 1000 टन की तैयारी।
इंडियन ऑयल:150 टन गैस रोजाना आपूर्ति
- इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने बताया कि वह दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के कई अस्पतालों को 150 टन ऑक्सीजन आपूर्ति कर रहा है।
टाटा 300 टन और जिंदल दे रही 100 टन गैस
- टाटा स्टील झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार और आंध्र प्रदेश को 300 टन गैस दे चुकी है।
- स्टील और बिजली क्षेत्र की बड़ी कंपनी जिंदल स्टील एंड पावर ( जेएसपीएल ) के मुताबिक, ओडिशा स्थित उसके अंगुल प्लांट में 500 टन तरल ऑक्सीजन का स्टॉक उपलब्ध है और वह राज्य में 100 टन गैस रोजाना भेज रही है।
- वेदांता ने तूतीकोरिन में बंद हो चुके अपने कॉपर प्लांट से तमिलनाडु को रोजाना करीब 1050 टन ऑक्सीजन आपूर्ति की पेशकश की है।