Relief: केंद्र ने 2024 में बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित असम और गुजरात के लिए 707.97 करोड़ रुपये की अतिरिक्त केंद्रीय सहायता को मंजूरी दी है। इसके अलावे, हरियाणा, एमपी और राजस्थान के लिए भी राशि मंजूरी की गई है। गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता वाली एक उच्च स्तरीय समिति ने यह मंजूरी दी है। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
केंद्र ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल, असम व गुजरात को करीब 2,000 करोड़ की बाढ़ राहत पैकेज की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बाढ़ प्रबंधन में भेदभाव के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भारत पहले से ही सीमा पार नदी मुद्दों पर भूटान के साथ मिलकर काम कर रहा। बाढ़ प्रबंधन कार्यक्रमों के तहत बंगाल को 1,290 करोड़ रुपये से अधिक जारी किए हैं।
विज्ञापन
उत्तर बंगाल बाढ़ के बाद बनर्जी ने सोमवार को केंद्र पर भारत-भूटान नदी आयोग गठित करने के उनके आह्वान की अनदेखी का आरोप लगाया था। जवाब में जल शक्ति मंत्रालय ने एक्स पर लिखा, भारत और भूटान के पास पहले से संयुक्त तकनीकी दल और संयुक्त विशेषज्ञ दल जैसे तंत्र हैं, जो उत्तर बंगाल को प्रभावित करने वाले नदी कटाव, गाद जमाव और बाढ़ की समस्याओं का निदान करते हैं।
असम-गुजरात को 707.97 करोड़ की अतिरिक्त मदद : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय समिति ने वर्ष 2024 में बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित असम और गुजरात को 707.97 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता मंजूर की है। यह राशि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (एनडीआरएफ) से जारी की जाएगी। कुल स्वीकृत राशि में से असम को 313.69 करोड़ और गुजरात को 394.28 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। केंद्र ने कहा, सरकार प्राकृतिक आपदाओं और आपात स्थितियों में राज्य सरकारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।
विज्ञापन
महाराष्ट्र के बाढ़ प्रभावित किसानों को 31,628 करोड़
महाराष्ट्र सरकार ने बाढ़ से प्रभावित किसानों के लिए मंगलवार को 31,628 करोड़ रुपये के मुआवजा पैकेज की घोषणा की। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सरकार बाढ़ से क्षतिग्रस्त प्रति हेक्टेयर कृषि भूमि के लिए 47,000 रुपये और रोजगार गारंटी योजना के तहत 3 लाख की सहायता राशि देगी। राज्य मंत्रिमंडल की साप्ताहिक बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने बताया कि जिन किसानों को पशुधन का नुकसान हुआ है, उन्हें प्रति पशु 32,000 रुपये मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि मुआवजा पैकेज में फसल के नुकसान, मिट्टी के कटाव, घायलों के अस्पताल में भर्ती होने, निकट परिजन के लिए अनुग्रह राशि, घरों, दुकानों और पशुशालाओं को हुए नुकसान आदि शामिल हैं।