सड़क हादसे में जान गंवा चुके भाजपा नेता गोपीनाथ मुंडे मामले में आरोपी चालक की आरोपमुक्त करने की याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। आरोपी चालक ने यह कहकर याचिका लगाई थी कि वह बेकसूर और राजनीतिक दबाव में उसे आरोपी बनाया गया है, जबकि सड़क दुर्घटना की सबसे पहले सूचना उसने पुलिस को दी। गोपानाथ मुंडे का चालक लाल बत्ती लगी गाड़ी को तेज रफ्तार से चला रहा था वह नहीं।
मामले की सुनवाई कर रहे स्पेशल जज गुरदीप सिंह ने कहा कि आरोपी चालक को आरोपमुक्त नहीं किया जा सकता है। क्योंकि पुलिस की चार्जशीट, अन्य सबूतों और एक्सपर्ट रिपोर्ट के मुताबिक चालक गुरविंदर सिंह ही पहली नजर में दोषी है। वह ही सड़क पर रश ड्राइविंग कर रहा था। जज ने कहा कि एक्सपर्ट की रिपोर्ट कहती है कि आरोपी के वाहन की स्पीड गोपीनाथ मुंडे की कार की स्पीड से अधिक थी।
कोर्ट ने उस दावे को भी खारिज कर दिया जिसमें आरोपी के वकील ने कहा कि वीआईपी होने के कारण मुंडे की गाड़ी का चालक ही रश ड्राइविंग कर रहा था जिसकी वजह से हादसा हुआ। जज ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि हर केस का अपना अलग फैक्ट और सबूत होते हैं। सिर्फ यह सोच लेना की वह वीआईपी कार थी तो उसका चालक तेज गाड़ी चला रहा होगा गलत है। हालांकि उन्होंने कहा कि यह फैक्ट आगे ट्रायल के दौरान सामने आएगा।